राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को RSS ने बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’, दोषियों को मिले कड़ी सजा

नई दिल्ली। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को इस पूरे मामले पर अपना बयान जारी करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने इस घटना को लेकर हिंदू समाज से इस मुश्किल घड़ी में धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की है।

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गौरतलब है कि, अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में रखे गए दान पात्रों से जुड़ा यह विवाद 7 जून को पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया था, जिसके बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब तक इस पर मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की ओर से अलग-अलग बयान आते रहे हैं, लेकिन आरएसएस जैसे बड़े संगठन की प्रतिक्रिया इस मामले को और अधिक गंभीरता से लिए जाने का संकेत देती है।

 रामभक्तों की आस्था को पहुंची ठेस

अपने बयान में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि, श्री राम जन्मभूमि पर बना यह भव्य मंदिर पीढ़ियों के लंबे संघर्ष, अनगिनत रामभक्तों के त्याग, समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल भर नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।

Ram temple offerings stolen B

उन्होंने आगे कहा कि, रामलला मंदिर में स्थापित दान पात्रों में जमा राशि से जुड़ी चोरी की यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसने पूरे समाज तथा राम भक्तों की भावनाओं व श्रद्धा को गहरी ठेस पहुंचाई है। होसबाले ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस घटना से संघ सहित पूरा हिंदू समाज आहत और चिंतित है।

दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग

सरकार्यवाह ने अपने बयान में यह भी जानकारी दी कि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के विशेष आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसी जांच दल की सिफारिशों के आधार पर अब कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

होसबाले ने इस संदर्भ में स्पष्ट रूप से कहा कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाते हैं, उन्हें कठोरतम दंड दिया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

मंदिर प्रबंधन से पारदर्शिता की अपेक्षा

अपने विस्तृत बयान में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज को न्यास से यह स्वाभाविक अपेक्षा है कि वह इस निंदनीय घटना को एक असाधारण मामला मानते हुए इसे पूरी गंभीरता से ले। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्था और संचालन में यदि कहीं भी कोई कमी रही है, तो उसे तुरंत दूर करने के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि करोड़ों रामभक्तों की आस्था और श्रद्धा हमेशा अखंड तथा अटूट बनी रहे।

होसबाले ने यह भी कहा कि, इस पूरे प्रकरण को लेकर वर्तमान में जो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है, उसे यथाशीघ्र समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि, मंदिर प्रबंधन और सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल इस दिशा में सभी आवश्यक और प्रभावी पहल करेंगे, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके और जनता के मन में उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।

पारदर्शिता पर जोर

अपने बयान में सरकार्यवाह ने यह विश्वास भी जताया कि उचित और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन प्रणाली, तथा शुद्धता एवं पवित्रता से परिपूर्ण धार्मिक वातावरण के माध्यम से श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास आने वाले समय में हिंदू समाज के विश्वास और आस्था को और अधिक मजबूती से बनाए रखने में सफल होगा। उनके इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि संघ चाहता है कि मंदिर प्रबंधन इस घटना के बाद अपनी आंतरिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करे और भविष्य के लिए मजबूत सुरक्षा तथा निगरानी तंत्र स्थापित करे।

दत्तात्रेय ने की धैर्य की अपील 

बयान के अंत में दत्तात्रेय होसबाले ने पूरे हिंदू समाज से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि इस कठिन और संवेदनशील समय में समाज को आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय देना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी शक्तियां इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म और समाज को बदनाम करने की कोशिश कर सकती हैं।

होसबाले ने समाज से आह्वान किया कि ऐसी किसी भी साजिश या षड्यंत्र को सफल न होने दिया जाए और लोग समझदारी तथा एकजुटता का परिचय देते हुए इस मुश्किल दौर से निकलने में सहयोग करें। उनका यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि संघ इस मुद्दे को लेकर बेहद सतर्क है और वह चाहता है कि यह पूरा मामला सामाजिक सौहार्द को प्रभावित किए बिना कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष तरीके से सुलझाया जाए।

जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल इस पूरे मामले में गठित विशेष जांच दल की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इसकी प्रगति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आरएसएस के इस बयान के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन और मंदिर न्यास दोनों ही इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की दिशा में तेजी से कदम उठाएंगे, ताकि करोड़ों रामभक्तों के मन में उपजी शंकाओं और चिंताओं को दूर किया जा सके।

 

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