UP-TET 2026: गलत सेंटर पर पहुंची अभ्यर्थी को महिला पुलिस कर्मी ने स्कूटी से पहुंचाया परीक्षा केंद्र

लखनऊ। लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को शहर के 46 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान एक बेहद संवेदनशील और मानवीय घटना सामने आई, जब ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से एक अभ्यर्थी युवती की परीक्षा को छूटने से बचा लिया। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक मुस्तैदी की मिसाल बनी, बल्कि परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों और लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई।

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KKV के बजाय KKC पहुंची युवती

दरअसल, हुआ यह कि, एक युवती परीक्षा देने के लिए तय समय से पहले घर से निकली, लेकिन जल्दबाजी और भ्रम की स्थिति में वह अपने वास्तविक परीक्षा केंद्र KKV के बजाय गलती से KKC नामक दूसरे केंद्र पर पहुंच गई। जब उसने वहां पहुंचकर अपना प्रवेश पत्र दिखाया, तब पता चला कि यह उसका सही केंद्र नहीं है। यह जानकर युवती बुरी तरह घबरा गई, क्योंकि परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय शेष रह गया था।

घबराई युवती ने पुलिसकर्मियों से मांगी मदद

घबराहट की इस स्थिति में युवती ने केंद्र के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों से मदद की गुहार लगाई। उसने रोते हुए बताया कि उसका असली परीक्षा केंद्र कहीं और है और अब उसके पास वहां समय पर पहुंचने का कोई साधन नहीं बचा है। यह सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में से एक महिला आरक्षी ने बिना समय गंवाए फौरन फैसला लिया। उन्होंने युवती को अपनी सरकारी ड्यूटी स्कूटी पर बैठाया और सीधे उसे उसके वास्तविक परीक्षा केंद्र KKV की ओर रवाना हो गईं।

UP-TET 2026

यह पूरा घटनाक्रम सुबह करीब 8:45 बजे का बताया जा रहा है, जब युवती को अपनी गलती का एहसास हुआ। परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होनी थी, ऐसे में हर मिनट कीमती था। महिला सिपाही ने ट्रैफिक और भीड़भाड़ के बीच से रास्ता निकालते हुए युवती को समय रहते सही केंद्र पर पहुंचा दिया। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि युवती की एंट्री प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो जाए, उसके बाद ही वह वापस अपनी मूल ड्यूटी स्थल की ओर लौटीं।

अभ्यर्थियों और आमजन ने की सराहना

महिला आरक्षी की इस संवेदनशीलता और तत्परता को देखकर वहां मौजूद अन्य अभ्यर्थियों और लोगों ने भी उनकी खुले दिल से तारीफ की। कई लोगों का कहना था कि परीक्षा के दिन जैसे तनावपूर्ण माहौल में, जहां अभ्यर्थी पहले से ही मानसिक दबाव में होते हैं, ऐसी मदद किसी संजीवनी से कम नहीं होती। अगर समय पर सही सहायता न मिलती, तो युवती की पूरे एक साल की मेहनत और तैयारी बेकार जा सकती थी। इस घटना ने यह भी दिखाया कि प्रशासनिक अमला केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर वह अभ्यर्थियों के लिए संबल भी बनता है।

19 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा 

लखनऊ में परीक्षा के दूसरे दिन कुल 19 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चली, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हुई। परीक्षा को सुचारू और नकल-मुक्त बनाने के लिए अभ्यर्थियों को थ्री लेयर सुरक्षा जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, उसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।

गौरतलब है कि, गुरुवार को हुई पहले दिन की परीक्षा में शहर में करीब 71 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई थी। प्रशासन का प्रयास है कि, दूसरे दिन भी अधिक से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो सकें, इसके लिए केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने शहर के सभी 46 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की। हर अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश से पहले सघन चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, ताकि किसी भी प्रकार की फर्जी उपस्थिति या नकल की आशंका को खत्म किया जा सके।

UP-TET 2026

निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने कुल 92 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की, जिसमें 46 सेक्टर मजिस्ट्रेट और इतनी ही संख्या में स्टैटिक मजिस्ट्रेट शामिल थे। ये सभी अधिकारी लगातार केंद्रों का भ्रमण करते हुए परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखते रहे, ताकि कहीं भी कोई अनियमितता न हो सके।

समय से पहले ही पहुंचने लगे अभ्यर्थी

परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में गंभीरता साफ देखी गई। अधिकतर अभ्यर्थी सुबह 7 बजे से पहले ही अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच गए थे। इसे देखते हुए कई केंद्रों ने समय से पहले, यानी सुबह 7:30 बजे से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी, ताकि भीड़भाड़ न हो और सभी अभ्यर्थी शांतिपूर्वक तरीके से समय पर अपनी सीट तक पहुंच सकें।

एक छोटी सी मदद, बड़ी मिसाल

यह घटना भले ही देखने में छोटी लगे, लेकिन इसका असर गहरा है। एक अभ्यर्थी के लिए परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचना उसकी पूरी मेहनत और भविष्य से जुड़ा सवाल होता है। ऐसे में एक पुलिसकर्मी का संवेदनशील रवैया और फर्ज से आगे बढ़कर की गई मदद यह संदेश देती है कि प्रशासन सिर्फ नियम-कानून लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि आमजन की परेशानियों को समझने और उनका समाधान करने के लिए भी तत्पर है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि छोटी सी संवेदनशीलता भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

 

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