
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पूरे मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ गया है। बुधवार को ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की श्रृंखला की। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी ठिकानों पर कुल 21 हमले किए। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया है, लेकिन कितना नुकसान हुआ है, इसकी कोई जानकारी नहीं दी।
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होर्मुज में बढ़ा तनाव
यह हमला अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर और रडार ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों का जवाब था। इससे पहले सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर (AH-64) क्रैश हो गया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया।
ये था घटनाक्रम
सोमवार को हुए हेलिकॉप्टर दुर्घटना के बाद अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया कि, हेलिकॉप्टर को गिराया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका इस हमले का जवाब जरूर देगा और जिम्मेदार लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि, ईरान ने हेलिकॉप्टर गिराने की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है। मंगलवार रात अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के करीब 20 ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ये हमले अपाचे हेलिकॉप्टर दुर्घटना और क्षेत्र में अमेरिकी बलों तथा व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में किए गए। हमले में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडारों को सटीक हथियारों से नष्ट किया गया।
ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने बुधवार को तीखा जवाब देते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन दागे।IRGC ने कद्र, इमाद और खैबर शेकन जैसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया। ईरान का दावा है कि, जॉर्डन के एक एयरबेस पर हमला कर F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड सेंटर समेत चार अहम ठिकाने नष्ट कर दिए गए।
जॉर्डन की सेना ने बताया कि, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से आई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। मिसाइलें अल-अजराक क्षेत्र की तरफ जा रही थीं। बहरीन में भी एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई।
ईरान ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर ड्रोन हमले का भी दावा किया है। ईरान ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है। एक न्यूज एजेंसी ने इस संबंध में वीडियो जारी किया, हालांकि अमेरिका की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान पर और बड़े हमले हो सकते हैं
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि, ईरान पर किए गए हमले फिलहाल समाप्त हो चुके हैं, लेकिन स्थिति अभी भी सक्रिय है। अगर ईरान ने फिर हमला किया तो अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है। इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने चेतावनी दी कि हालिया ऑपरेशन सिर्फ शुरुआत थी। जरूरत पड़ी तो इजराइल ईरान पर और बड़े हमले कर सकता है।

उन्होंने कहा कि, इजराइल हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई भी जारी रखेगा। ट्रंप ने रिपब्लिकन रैली में दावा किया कि, अमेरिका ईरान के खिलाफ बढ़त बना चुका है और अगले दो हफ्तों में टोटल विक्ट्री घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे तेल की कीमतें भी कम होंगी।
चीन ने की सयंम बरतने की अपील
चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि सभी पक्ष शांत रहें और हालात को बिगड़ने से रोकें। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब और तुर्किये के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की और अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से अपील की कि वे अमेरिका और इजराइल को अपने इलाके का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न करने दें।
हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद अमेरिकी नौसेना ने पहली बार समुद्री रेस्क्यू में ऑटोमैटिक सी-ड्रोन सारोनिक कोर्सेर का इस्तेमाल किया। 24 फीट लंबे इस ड्रोन ने दोनों पायलटों को सुरक्षित निकाला। यह टास्क फोर्स 59 का हिस्सा है, जो पूरी तरह मानवरहित ड्रोन सिस्टम पर काम करती है।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
तनाव के चलते वैश्विक तेल बाजार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.9% बढ़कर 92.29 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 0.8% चढ़कर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

ईरान के सेंट्रल बैंक ने 1 लाख रियाल का नया नोट जारी किया, जिसमें मिनाब स्कूल स्मारक (कथित अमेरिकी हमले में तबाह) को दिखाया गया है।
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए, जबकि हिजबुल्लाह ने 14 हमलों का दावा किया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान अब युद्ध नहीं चाहता और बातचीत के रास्ते पर है।
ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहा ये संघर्ष कितना लंबा चलेगा, कोई नहीं जानता है। आपको बता दें कि, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में अगर यहां कोई संघर्ष होता है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ता है। दोनों पक्ष अभी भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ने का खतरा है।
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