
नई दिल्ली। इस समय गर्मी पूरे चरम पर है और अब नौतपा भी शुरू हो चुका है। इस दौरान दोपहर में नल खोलते ही गर्म पानी निकलना आम बात हो गई है। खासकर उन घरों में जहां पानी की टंकी छत पर लगी है, वहां तेज धूप के कारण पानी इतना गर्म हो जाता है कि नहाना तो दूर, बर्तन धोना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार इतना गर्म पानी त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
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नौतपा के इन 9 दिनों में सूरज की किरणें इतनी तीखी होती है कि, छत पर रखी टंकी किसी तंदूर की तरह गर्म हो जाती है। इससे न सिर्फ घरेलू कामों में परेशानी होती है बल्कि पानी की बर्बादी भी बढ़ जाती है, लेकिन कुछ आसान घरेलू उपायों और स्मार्ट टिप्स से आप टंकी के पानी को मटके जैसा ठंडा रख सकते हैं। इन उपायों को अपनाकर आप भीषण गर्मी में भी राहत पा सकते हैं।
समस्या क्यों होती है?
दरअसल, छत पर लगी टंकियां सीधी धूप का सबसे ज्यादा शिकार होती हैं। काली या गहरे रंग की टंकियां सूरज की किरणों को सोख लेती हैं और पानी का तापमान तेजी से बढ़ जाता है।

दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच यह समस्या चरम पर होती है। ऐसे में अगर आप कुछ सावधानियां बरतें और सही टिप्स अपनाएं, तो पानी को काफी हद तक ठंडा रखा जा सकता है।
जूट की बोरी से प्राकृतिक कूलिंग
यह सबसे पुराना, सस्ता और बेहद असरदार तरीका है। टंकी के चारों तरफ पुरानी जूट की बोरियां अच्छे से लपेट लें और मजबूत रस्सी से बांध दें। दिन में कम से कम दो-तीन बार इन बोरियों पर पानी छिड़कें। जब पानी बोरियों पर से वाष्पित होता है, तो वाष्पीकरण की प्रक्रिया टंकी से गर्मी छीन लेती है। इससे अंदर का पानी काफी ठंडा रहता है। यह तरीका उन इलाकों में खासतौर पर कारगर है जहां हवा का बहाव अच्छा हो। बोरियों को समय-समय पर बदलते रहें ताकि फफूंद न लगे।
थर्माकोल शीट से इंसुलेशन
थर्माकोल बेहतरीन हीट इंसुलेटर है। टंकी के चारों तरफ 1-2 इंच मोटी थर्माकोल शीट लगाएं और उसे वॉटरप्रूफ टेप या चिपकने वाले गोंद से मजबूती से चिपका दें। ऊपर की सतह पर भी थर्माकोल या कोई इंसुलेटिंग मैटेरियल लगा सकते हैं। यह तरीका बाहरी गर्मी को टंकी तक पहुंचने से रोकता है। थर्माकोल हल्का, सस्ता और आसानी से उपलब्ध होता है। एक बार लगाने के बाद यह कई साल तक काम करता है।
सफेद रंग या चूना लगाएं
अगर आपकी टंकी काले या गहरे रंग की है, तो उसे तुरंत सफेद रंग से पेंट कर दें या फिर साधारण चूना से पोत दें। सफेद रंग सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट कर देता है, जिससे टंकी कम गर्म होती है। हर साल नौतपा से पहले यह काम जरूर कर लें। पेंट या चूना लगाने से टंकी की उम्र भी बढ़ती है और जंग लगने से बचती है।
शेड या ग्रीन नेट का इस्तेमाल
टंकी के ऊपर एक छोटा सा शेड बनवा लें। टीन शीट, ग्रीन शेड नेट या बांस की छतरी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सीधी धूप टंकी पर नहीं पड़ेगी। ग्रीन नेट लगाने का अतिरिक्त फायदा यह है कि यह हवा को अंदर आने देता है, लेकिन धूप को रोकता है। कई लोग टंकी के चारों तरफ बेलदार पौधे भी लगा देते हैं जो प्राकृतिक छाया प्रदान करते हैं।
पाइपलाइन को भी कवर करें

अक्सर टंकी का पानी ठंडा रहता है, लेकिन पाइप इतने गर्म हो जाते हैं कि पानी नल तक पहुंचते-पहुंचते गर्म हो जाता है, इसलिए सभी एक्सपोज्ड पाइपों को इंसुलेटेड कवर, सिल्वर फॉयल, पुरानी कपड़े की पट्टियों या स्पेशल पाइप इंसुलेशन टेप से लपेट दें।
मोटर चलाने का सही समय
टंकी भरने का सबसे अच्छा समय सुबह 6 से 9 बजे या रात 8 बजे के बाद है। दोपहर में मोटर न चलाएं क्योंकि उस समय जमीन, पाइप और टंकी तीनों गर्म होती हैं। रात में भरा पानी सुबह तक ठंडा रहता है।
अतिरिक्त उपयोगी टिप्स
- टंकी को हमेशा पूरी भरकर रखें। आधी खाली टंकी ज्यादा गर्म होती है।
- टंकी का ढक्कन हमेशा बंद रखें ताकि धूल और गर्म हवा अंदर न जाए।
- अगर संभव हो तो टंकी के अंदर क्ले या मिट्टी के बर्तन (घड़े) डालकर रख सकते हैं, यह पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखते हैं।
बड़े शहरों में कुछ लोग अब रिफ्लेक्टिव शीट या इंसुलेटेड टैंक कवर भी बाजार से खरीद रहे हैं।
इन सरल उपायों को अपनाकर आप न सिर्फ गर्म पानी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं बल्कि बिजली बिल भी बचा सकते हैं क्योंकि ठंडे पानी के लिए अतिरिक्त बोरिंग या कूलर चलाने की जरूरत कम पड़ेगी। नौतपा की इस चिलचिलाती गर्मी में इन टिप्स को आजमाकर देखें। छोटे-छोटे बदलाव आपके घर की गर्मी को काफी हद तक कम कर सकते हैं। स्वस्थ रहें, ठंडे पानी का आनंद लें और गर्मी से बचकर रहें।
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