
यूक्रेन। चार साल से अधिक समय से चल रहा रूस और यूक्रेन युद्ध अब एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच चुका है। रविवार को रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आस-पास के तमाम इलाकों को निशाना बनाते हुए अब तक का सबसे बड़ा और खौफनाक हवाई हमला किया। कई घंटे तक चली बमबारी के दौरान रूसी वायुसेना ने लगभग 90 मिसाइल दागी और 600 ड्रोन के साथ यूक्रेन के सुरक्षा चक्र को पूरी तरह से कमजोर कर दिया।
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कीव पर प्रहार
इस हमले की सबसे डरावनी बात यह रही कि, रूस ने एक बार फिर अपनी अजेय मानी जाने वाली ओरेशनिक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से कीव पर प्रहार किया। इस भीषण और चौतरफा गोलाबारी में कीव और उसके बाहरी इलाकों सहित दक्षिणी क्षेत्र खेरसान में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि राजधानी के केंद्र में स्थित दर्जनों आवासीय इमारतें, ऐतिहासिक धरोहरें और कई स्कूल जमींदोज हो गए।

यूक्रेनी अधिकारियों की तरफ से जारी शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 100 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं, जिनका इलाज जारी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर एक भावुक और कड़ा संदेश जारी करते हुए इस हमले की घोर निंदा की है। जेलेंस्की ने वैश्विक समुदाय, विशेषकर अमेरिका और यूरोपीय देशों से अपील की है कि वे अब और देर न करें और रूस के इस बेलगाम होते आक्रामक रुख के खिलाफ तत्काल सामूहिक रूप से कड़े और निर्णायक फैसले लें।
2022 में शुरू हुआ था युद्ध
एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत होने के बाद से यह तीसरा ऐसा मौका है, जब रूसी सेना ने अपनी कई हजार किलोमीटर की मारक क्षमता वाली आधुनिक ओरेशनिक मिसाइल का इस्तेमाल खुले तौर पर किया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस मिसाइल की लोकेशन को लेकर अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि, इससे पहले हुए दो हमलों में रूस ने बड़े महानगरों को टारगेट किया था, लेकिन इस बार उसने अपनी रणनीति बदलते हुए कीव के बाहरी इलाके से लगभग 64 किलोमीटर दूर स्थित करीब दो लाख की आबादी वाले शहर बिला त्सेर्क्वा को निशाना बनाया।
रूसी भाषा में हेजलनट ट्री के नाम से जानी जाने वाली यह ओरेशनिक मिसाइल मूल रूप से रूस की आरएस-26 रूबेझ तकनीक पर आधारित है। रूस ने शुरुआत में इसे एक अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल के रूप में तैयार किया था। रूसी सैन्य प्रणाली की अन्य मिसाइलों की तरह ही यह भी पारंपरिक विस्फोटकों के साथ-साथ परमाणु हथियारों को ले जाने और उन्हें दागने में पूरी तरह से सक्षम है, जो इसे दुनिया के सबसे घातक हथियारों की श्रेणी में खड़ा करता है।
ओपन-सोर्स जांच करने वाले प्रतिष्ठित संगठन सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन रेजिलिएंस के प्रमुख अन्वेषक रोलो कोलिन्स ने रॉयटर्स द्वारा जारी किए गए जमीनी फुटेज की बारीकी से तकनीकी समीक्षा की है। कोलिन्स के विश्लेषण के अनुसार, ओरेशनिक मिसाइल की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता यह है कि यह एक साथ कई अलग-अलग ठिकानों पर एक ही समय में सटीक हमला करने वाले मल्टीपल वॉरहेड से लैस है।
यूक्रेन में भारी तबाही
हमले के दौरान इस मिसाइल का मुख्य वॉरहेड हवा में ही 36 छोटे उप-हथियारों में विभाजित हो गया, जिससे एक बहुत बड़े दायरे में भारी तबाही मची। मिसाइलों की यह तकनीक आमतौर पर बहुत लंबी दूरी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों में देखी जाती है। इस विनाशकारी हमले के कारण कीव के केंद्र से उत्तर में स्थित लुक्यानिव्का जिला पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है, जहां यूक्रेन का एक महत्वपूर्ण मिसाइल संयंत्र मौजूद है।
रूसी मिसाइलों की जद में आने से इस बार यूक्रेन की सांस्कृतिक और प्रशासनिक व्यवस्था को भी गहरी चोट पहुंची है। हवाई हमले की भीषण तरंगों के कारण यूक्रेन के कैबिनेट भवन और विदेश मंत्रालय की मुख्य इमारतों को मामूली नुकसान पहुंचा है, जबकि कीव के विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय कला संग्रहालय और फिलहारमोनिक हॉल का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।
इसके अलावा, साल 1986 में हुए ऐतिहासिक चेर्नोबिल परमाणु हादसे की याद में कुछ ही समय पहले आम जनता के लिए खोले गए एक नए संग्रहालय को रूसी बमबारी ने पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमला सिर्फ इमारतों पर नहीं, बल्कि यूक्रेन की संस्कृति, इतिहास और उसकी पहचान को दुनिया के नक्शे से मिटाने की एक सोची-समझी रूसी साजिश है।
30 इमारतें जमीदोंज
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने शहर की स्थिति साझा करते हुए बताया कि, अकेले राजधानी में ही कम से कम दो नागरिकों की मौत हुई है और 81 लोग घायल हो गये हैं, जबकि पूरे शहर में लगभग 30 बड़ी इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं। रात भर आसमान से बरसती आग और धमाकों के खौफ के बीच 62 वर्षीय नतालिया ज्वारिच समेत सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने पूरी रात अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों में छिपकर अपनी और अपने परिवार की जान बचाई।

इधर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमेशा की तरह इस बार भी रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मॉस्को ने अपना आधिकारिक पक्ष रखते हुए दावा किया कि यूक्रेन ने पिछले दिनों रूस के नागरिक ठिकानों पर जो हमले किए थे, यह कार्रवाई सिर्फ उसी का करारा जवाब है।
रूसी सेना ने ओरेशनिक, इस्कंदर, किंजल और जिरकॉन जैसी अपनी सबसे घातक मिसाइलों का इस्तेमाल केवल यूक्रेनी सैन्य कमान सुविधाओं, जमीनी बलों के ठिकानों, सैन्य खुफिया केंद्रों और सैन्य हवाई पट्टियों को तबाह करने के लिए किया है।
यूरोप ने की रूस की निंदा
इस बीच, कीव पर हुए इस बर्बर हमले को लेकर पूरे यूरोप के नेताओं ने एकजुट होकर रूस की कड़ी निंदा की है। ब्रिटेन और जर्मनी ने एक साझा बयान में कहा कि, परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखने वाली ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का इस तरह इस्तेमाल करना युद्ध को एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी स्तर पर ले जाने जैसा है।
वहीं, यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने व्लादिमीर पुतिन और मॉस्को प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए इसे राजनीतिक रूप से डराने की घटिया रणनीति और लापरवाह परमाणु उकसावे की कार्रवाई करार दिया है।
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