
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को मेडिकल टूरिज्म और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का नया हब बनाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक वेलनेस सिटी को रफ्तार देने के लिए अब ग्रीन कॉरिडोर का सहारा लिया जाएगा। शहीद पथ से किसान पथ को जोड़ने वाले ग्रीन कॉरिडोर के चौथे चरण को इस पूरी योजना के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
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4 मुख्य मार्गों को कनेक्ट होगी वेलनेस सिटी
इस कॉरिडोर से वेलनेस सिटी के चार प्रमुख मुख्य मार्गों को सीधे कनेक्ट किया जाएगा, जिससे न केवल भविष्य में यहां आने वाले लोगों का सफर बेहद आसान हो जाएगा बल्कि राजधानी के एक बड़े हिस्से को ट्रैफिक जाम के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इस महापरियोजना को धरातल पर उतारने और जमीनी हकीकत को परखने के लिए एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शुक्रवार को पूरी टीम के साथ परियोजना स्थल का सघन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि, मानसून की शुरुआत होने से पहले हर हाल में मिट्टी भराई का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। प्राधिकरण की कोशिश है कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी प्राथमिक और जरूरी काम पूरे हो जाएं, ताकि बाद में जलजमाव या कीचड़ की वजह से निर्माण कार्य में किसी भी तरह की रुकावट न आए।
चिन्हित की जा चुकी है जमीन
एलडीए के मास्टर प्लान के मुताबिक, सुलतानपुर रोड और किसान पथ के बीच करीब 485 हेक्टेयर के विशाल भूभाग पर इस अत्याधुनिक वेलनेस सिटी को बसाया जा रहा है। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए बक्कास, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा और मस्तेमऊ जैसे प्रमुख गांवों की जमीनों को चिन्हित किया गया है।
अधिकारियों का दावा है कि, इस पूरी परियोजना के तैयार होने के बाद लखनऊ और इसके आसपास के जिलों की करीब 10 लाख से अधिक की आबादी को इसका सीधा फायदा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि रोजगार के भी लाखों नए अवसर पैदा करेगा।
एलडीए इस वेलनेस सिटी को केवल एक रिहायशी या सामान्य कमर्शियल इलाके की तरह नहीं, बल्कि देश की सबसे आधुनिक मेडी सिटी के रूप में विकसित करने जा रहा है। इस पूरी योजना का खाका इस तरह तैयार किया गया है जहां विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, बड़े मेडिकल कॉलेज, हाईटेक डायग्नोस्टिक सेंटर के साथ-साथ मानसिक शांति और अध्यात्म के लिए विपश्यना और मेडिटेशन सेंटर भी बनाए जाएंगे।
बनने जा रहा 24 मीटर चौड़ा कॉरिडोर
अधिकारियों का कहना है कि, आज के दौर में लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग शहरों या केंद्रों के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन इस वेलनेस सिटी के शुरू होने के बाद इलाज से लेकर सेहत को बेहतर बनाने तक की तमाम वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं एक ही बाउंड्री के भीतर उपलब्ध होंगी।
इतनी बड़ी आबादी और वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए यहां के ट्रैफिक प्लान पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। वेलनेस सिटी के अंदरूनी और मुख्य रास्तों को बेहद चौड़ा बनाया जा रहा है, जिसमें सड़कों की चौड़ाई 24 मीटर से लेकर 60 मीटर तक होगी। इसके साथ ही शहीद पथ से किसान पथ तक लगभग 6.5 किलोमीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा जो ग्रीन कॉरिडोर बन रहा है, उसे वेलनेस सिटी की लाइफलाइन माना जा रहा है।

इस कॉरिडोर से जुड़ने के बाद शहर के किसी भी कोने से मरीज या आम नागरिक बिना किसी रेड लाइट या जाम में फंसे चंद मिनटों में सीधे मेडी सिटी के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों तक पहुंच सकेंगे। कनेक्टिविटी को और ज्यादा मजबूत करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर को सुलतानपुर रोड से जोड़ने का काम भी समानांतर रूप से शुरू कर दिया गया है। इसके तहत सेना की जमीन से लेकर मरी माता मंदिर तक करीब 1800 मीटर लंबी शानदार फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है।
बदलेगी गोमती नगर विस्तार से अर्जुन गंज तक की सूरत
इस फोरलेन सड़क के बन जाने से गोमती नगर विस्तार से लेकर अर्जुनगंज तक के पूरे इलाके की सूरत बदल जाएगी और इस रूट पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे एलडीए ने बहुत ही सूझबूझ से हल किया है।
वेलनेस सिटी के लिए जमीन जुटाने का काम पूरी तरह से पारदर्शी रखते हुए लैंड पूलिंग नीति, आपसी सहमति और अर्जन के आधार पर किया जा रहा है। एलडीए के मुताबिक, अब तक इलाके के 427 किसानों ने आगे आकर अपनी करीब 75 हेक्टेयर भूमि इस प्रोजेक्ट के लिए देने का प्रस्ताव प्राधिकरण को सौंप दिया है।
इसके अलावा लगभग 30 हेक्टेयर जमीन का लैंड पूलिंग एग्रीमेंट भी कागजी तौर पर फाइनल हो चुका है। किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए एलडीए ने साफ किया है कि, जल्द ही एक पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से इन सभी किसानों को वेलनेस सिटी के भीतर ही पूरी तरह विकसित भूखंड आवंटित कर दिए जाएंगे, जिससे किसानों को उनकी जमीन की कई गुना ज्यादा कीमत और भविष्य का मुनाफा मिल सकेगा।
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