
लखनऊ। यूपी की सियासत में पिछले कई दिनों से हलचल मची हुई है। योगी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद शासन और प्रशासन में जबरदस्त सक्रियता देखने को मिल रही है। राजधानी लखनऊ के सचिवालय परिसरों में नए मंत्रियों के स्वागत और उनके बैठने की व्यवस्था को लेकर दिनभर गहमागहमी बनी रही। एक तरफ जहां मंत्रियों को उनके नए कार्यालय आवंटित कर दिए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके रहने के लिए सरकारी आवासों के आवंटन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गई है।
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बदला-बदला नजर आया बापू भवन का नजारा
शासन स्तर पर इस बदलाव को लेकर सचिवालय के गलियारों में काफी उत्साह है, क्योंकि नए मंत्रियों के आने से अब प्रशासनिक कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य संपत्ति विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है, ताकि मंत्रियों को कार्यभार संभालने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

उत्तर प्रदेश की राजधानी के विधान भवन स्थित मुख्य भवन और बापू भवन में सोमवार को नजारा बदला-बदला सा रहा। कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों को उनके दफ्तरों का आवंटन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अब कैबिनेट मंत्री के रूप में नई भूमिका निभा रहे भूपेंद्र सिंह चौधरी को विधान भवन के मुख्य भवन के प्रथम तल पर कमरा नंबर 81-सी आवंटित किया गया है।
यह कमरा सामरिक और प्रशासनिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, जो सत्ता के केंद्र में उनकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री बनाए गए मनोज पांडेय सहित अन्य राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के लिए बापू भवन में कार्यालयों की व्यवस्था की गई है। बापू भवन में सुबह से ही साफ-सफाई और नेमप्लेट लगाने का कार्य चलता रहा, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि नए मंत्री जल्द ही अपनी कुर्सी संभालकर जनहित के कार्यों में जुट जाएंगे।
शाम तक सौंप दी जाएंगी चाबियां
दफ्तरों के आवंटन के साथ-साथ मंत्रियों के रहने के लिए सरकारी आवासों को लेकर भी फाइलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य संपत्ति विभाग ने मंत्रियों के लिए नए आवास आवंटन की विस्तृत फाइल तैयार कर ली है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के कार्यालय को भेज दिया गया है।
फिलहाल स्थिति यह है कि भूपेंद्र सिंह चौधरी, सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल के पास पहले से ही मंत्री स्तर के आवास उपलब्ध हैं, क्योंकि वे पूर्व में भी सरकार का हिस्सा रहे हैं या किसी न किसी जिम्मेदारी में थे, लेकिन बाकी नए चेहरों के लिए गौतमपल्ली और राजभवन के आसपास के वीवीआईपी इलाकों में बंगलों को व्यवस्थित किया जा रहा है। सचिवालय के सूत्रों का दावा है कि मंगलवार शाम तक सभी मंत्रियों को उनके आवासों की चाबियां सौंप दी जाएंगी, जिससे वे अपने कैंप कार्यालयों को पूरी तरह संचालित कर सकेंगे।
सोमवार का दिन लखनऊ में मेल-मुलाकातों और बधाई देने वालों के नाम रहा। नए बने मंत्रियों के अस्थाई आवासों और कैंप कार्यालयों पर सुबह से ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का भारी जमावड़ा लगा रहा। जश्न का सबसे बड़ा केंद्र भूपेंद्र सिंह चौधरी का आवास रहा, जहां फूलों के गुलदस्ते और मिठाइयों के साथ लोग उनकी नई पारी के लिए बधाई देने पहुंच रहे थे।
भूप्नेद्र चौधरी से मिलने पहुंचे मनोज पांडेय
इसी बीच एक दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय खुद भूपेंद्र चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक चर्चा हुई और भूपेंद्र चौधरी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में समन्वय और एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
जश्न और मुलाकातों का यह दौर केवल एक आवास तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेंद्र तोमर के आवास पर भी भारी भीड़ जुटी रही। ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य और मांट विधानसभा के चर्चित विधायक राजेश चौधरी ने भी सोमेंद्र तोमर से मुलाकात की और उन्हें जीत व नई जिम्मेदारी की बधाई दी। इसके अलावा, नए राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने भी वरिष्ठ मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट की।
मनोज पांडेय के आवास पर भी सुबह से ही कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा, जो अपने नेता को कैबिनेट में जगह मिलने से उत्साहित थे। सोमेंद्र तोमर के गौतमपल्ली स्थित कैंप कार्यालय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी जाहिर की। इसी क्रम में सोमेंद्र तोमर ने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भी उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
लखनऊ के बापू भवन के पास स्थित रॉयल होटल में भी राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। यहां ठहरे हुए नए राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर से मिलने उनकी विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। समर्थकों का कहना है कि उनके क्षेत्र के प्रतिनिधि को सरकार में जगह मिलने से विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

वहीं दूसरी ओर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत के घरों पर भी उत्सव जैसा माहौल रहा। इन मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं भी सुनीं और आश्वासन दिया कि विभागों का बंटवारा होते ही वे जनसमस्याओं के निस्तारण को अपनी प्राथमिकता बनाएंगे। दिनभर चली इन मुलाकातों ने यह साफ कर दिया कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की कोशिशें जारी हैं।
सीएम योगी पर टिकीं निगाहें
अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिकी हैं, क्योंकि मंत्रियों को उनके विभागों के बंटवारे का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि सोमवार को विभागों की घोषणा होने की उम्मीद थी, लेकिन मुख्यमंत्री के व्यस्त दौरों के कारण इसे टाल दिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को वाराणसी, बागपत और फिर दिल्ली के दौरे पर रहे, जिसके चलते शासन स्तर पर अंतिम फाइल पर मुहर नहीं लग सकी।
राजनीतिक चर्चा यह भी है कि इस बार न केवल नए मंत्रियों को विभाग दिए जाएंगे, बल्कि पुराने मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। कुछ मंत्रियों के कामकाज के आधार पर उनकी जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है, तो कुछ के विभागों को काटकर नए चेहरों को मजबूती दी जा सकती है।
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