ऑपरेशन सिंदूर वर्षगांठ: अब भारत बदल चुका है, छेड़ता नहीं, लेकिन छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं-धामी

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित गढ़ी कैंट के दून सैनिक इंस्टीट्यूट में सोमवार को एक भव्य और ओजस्वी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अवसर था भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ का। इस गौरवशाली कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल सैनिकों के पराक्रम को नमन किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच से दुश्मन देशों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भी दिया।

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भावुक और आक्रामक हुए धामी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साफ लहजे में कहा कि, आज का भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन यदि किसी ने भारत की अस्मत और सुरक्षा पर आंख उठाकर देखने की जुर्रत की, तो उसे उसी की भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने भावुक और आक्रामक होते हुए कहा कि, यदि कोई हमारी मां-बेटियों का सिंदूर उजाड़ने का दुस्साहस करेगा, तो भारतीय सेना उसके पूरे खानदान तबाह करने की क्षमता रखती है।

Pushkar Singh Dhami

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सैन्य इतिहास का एक युगांतरकारी अध्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान मात्र एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारतीय सेना की सटीक रणनीति, अदम्य साहस और आधुनिक मारक क्षमता का दुनिया के सामने एक ज्वलंत प्रदर्शन था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि, इस ऑपरेशन ने वैश्विक समुदाय को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारत की संप्रभुता और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

वैश्विक सामरिक शक्ति बना भारत

उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में आज भारत एक ऐसी वैश्विक सामरिक शक्ति बन चुका है, जिसके रुख का इंतजार दुनिया की बड़ी-बड़ी घटनाओं के दौरान किया जाता है। अब भारत पीछे चलने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा दिखाने वाला राष्ट्र बन गया है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान के बीच का अंतर को भी स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि, एक समय वह भी था जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि एक कमजोर और निर्णय लेने में हिचकिचाने वाले देश की बनने लगी थी। सीमा पार से होने वाले दुस्साहस पर भारत केवल कड़े शब्दों में निंदा तक सीमित रह जाता था, लेकिन पिछले एक दशक में परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है।

Pushkar Singh Dhami

आज भारत आत्मविश्वास से लबरेज है और अपनी सुरक्षा के लिए सीमा के भीतर ही नहीं, बल्कि सीमा पार जाकर भी प्रहार करने की ताकत रखता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय स्वदेशी रक्षा तंत्र को देते हुए कहा कि आज हमारे पास अपनी तकनीक, अपने हथियार और अपनी सैन्य रणनीति है। स्वदेशी हथियारों के निर्माण ने भारत को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे दुश्मन के हौसले पस्त हुए हैं।

विरोधियों पर बरसे

सैनिकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, जब भी वह सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बीच आते हैं, तो उन्हें एक परिवार जैसा अहसास होता है। उत्तराखंड की धरती वीरों की जननी है और यहां के हर घर से कोई न कोई वीर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक दौर वह भी था जब हमारे वीर सैनिकों को बुनियादी सुविधाओं और हथियारों के अभाव में संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन आज सेना का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व तेजी के साथ हो रहा है।

Pushkar Singh Dhami

उन्होंने राजनीतिक विरोधियों को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि, राजनीति अपनी जगह है, लेकिन कुछ लोग विरोध के नाम पर देशहित और सेना के पराक्रम पर भी सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे तत्वों की सच्चाई जानती है और समय आने पर उन्हें करारा जवाब भी देती है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सैनिक कल्याण मंत्री ने भी रखी बात

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपनी बात रखी और ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना के पराक्रम का स्वर्णिम पृष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि, हमारी सेनाओं ने महज चार दिनों के भीतर दुश्मन को घुटनों पर टेकने को मजबूर कर दिया, जो सैन्य इतिहास में एक मिसाल है। गणेश जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति कभी किसी दूसरे देश की भूमि पर कब्जा करने की नहीं रही है, लेकिन यदि कोई हमारी सुरक्षा और अखंडता को चुनौती देगा, तो उसे मुंहतोड़ जवाब देना हम अच्छी तरह जानते हैं।

उन्होंने राष्ट्रवाद की भावना पर जोर देते हुए कहा कि, राष्ट्रीय सुरक्षा केवल वर्दी पहने जवानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। जब 140 करोड़ भारतीय राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ एकजुट होते हैं, तब कोई भी बाहरी शक्ति भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।

जनता को जल्द समर्पित होगा भव्य सैन्य धाम

मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण अपडेट देते हुए बताया कि देहरादून में निर्मित किया जा रहा भव्य सैन्य धाम अंतिम चरणों में है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह सैन्य धाम उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में जाना जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों को हमारे शहीदों के बलिदान और वीरता की गाथाएं सुनाएगा। कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे वीर योद्धाओं और उनके परिवारों का सम्मान भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों से गुंजायमान हो गया। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देवभूमि के रग-रग में देशप्रेम और सैन्य सम्मान बसता है।

 

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