अखिलेश का ऐलान, सपा सरकार आने पर महाराणा प्रताप को मिलेगा ‘स्वर्ण सम्मान’, 2 दिन की छुट्टी भी होगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अभी विधानसभा चुनाव होने में लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच वार पलटवार का दौर तेज हो गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित किया। इस दौरान उनके तेवर काफी तल्ख नजर आए। अखिलेश ने बीजेपी की नीतियों, कार्यशैली और उसकी नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

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सत्तापक्ष पर लगाया नफरत फैलाने का आरोप

अखिलेश यादव ने न केवल सत्तापक्ष पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाया, बल्कि भविष्य की चुनावी रणनीति और सत्ता में आने पर किए जाने वाले वादों का पिटारा भी खोल दिया। इस प्रेसवार्ता की सबसे बड़ी चर्चा महाराणा प्रताप की प्रतिमा और ईवीएम को लेकर दिए गए उनके बयानों की रही।  प्रेसवार्ता की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर भाजपा की कार्यसंस्कृति पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी के पास जनहित का कोई ठोस एजेंडा नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा का पूरा तंत्र केवल और केवल नकारात्मकता फैलाने में जुटा रहता है। अखिलेश के अनुसार, सत्ताधारी दल का मुख्य काम लोगों के बीच झगड़ा करवाना और समाज को बांटना रह गया है। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में पूछा कि अगर भाजपा के पास विकास या जनकल्याण का कोई सकारात्मक काम है, तो वे जनता के सामने उसे रखें। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नए-नए विवाद पैदा करती है।

महाराणा प्रताप जयंती पर अवकाश का वादा

इस दौरान सपा मुखिया ने  एक बड़ा चुनावी कार्ड भी खेल महाराणा प्रताप के सम्मान में बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि, यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो महाराणा प्रताप की जयंती पर दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट पर महाराणा प्रताप की एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प लिया। उन्होंने प्रतिमा की भव्यता का जिक्र करते हुए कहा कि, महाराणा प्रताप के पराक्रम के प्रतीक उनके घोड़े चेतक और उनके भाले को सोने से मढ़वाया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस कदम को सपा द्वारा क्षत्रिय समाज और राष्ट्रभक्तों को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

 कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप 

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग ‘जीरो टॉलरेंस’ की डींगें हांकते थे, आज उन्हीं के राज में कानून का इकबाल खत्म हो गया है और अपराध चरम पर है। उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि, ये सरकारी आंकड़े खुद इस बात की गवाही दे रहे हैं कि, उत्तर प्रदेश में महिलाएं, व्यापारी और आम नागरिक असुरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल केवल विपक्षियों को दबाने के लिए किया जा रहा है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

चुनावों की शुचिता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने एक नया शब्द उछाला “मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया”। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस माफिया के खिलाफ एकजुट होकर काम करें। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रशासन के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं। अखिलेश के मुताबिक, भाजपा के लोग फॉर्म-7 भरकर समाजवादी पार्टी के समर्थकों और उन वर्गों के वोट कटवाने का काम कर रहे हैं जो सपा के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित करने के लिए भाजपा हर हथकंडा अपना रही है, जिससे कार्यकर्ताओं को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

ईवीएम पर भी सवाल

ईवीएम का मुद्दा एक बार फिर सपा प्रमुख की प्रेस कॉन्फ्रेंस का केंद्र रहा। अखिलेश यादव ने हाल ही में यूनाइटेड किंगडम में हुए चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि, क्या भारत तकनीक या लोकतांत्रिक समझ में इंग्लैंड से भी आगे निकल गया है कि, वह उन खतरों को नजरअंदाज कर रहा है जो ईवीएम के साथ जुड़े हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी ईवीएम की चुनौतियों के बावजूद भाजपा को हराने का माद्दा रखती है। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनावों में भी जनता ने हमें भारी समर्थन दिया था, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक हेरफेर से परिणाम प्रभावित किए गए।

 यूपी में भी जल्द आएगी ईडी

अखिलेश यादव ने यह आशंका भी जताई कि, आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में ईडी की सक्रियता बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि, जब भी भाजपा खुद को कमजोर महसूस करती है, वह अपने सहयोगी संगठनों ईडी, सीबीआई और आईटी को मैदान में उतार देती है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की तस्वीर से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि, भाजपा केवल विवादों की राजनीति करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्षी गठबंधन पूरी तरह मजबूत रहेगा और भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ता रहेगा।

 

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