सीएम धामी ने केदारनाथ में किया मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन, आपातकालीन स्थिति में मिलेगा विशेषज्ञ इलाज

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की देवभूमि में चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम, जो अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और विषम जलवायु के लिए जाना जाता है, अब आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से लैस हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बाबा केदार के चरणों में मत्था टेकने के बाद केदारपुरी में नवनिर्मित 40 बेड वाले अत्याधुनिक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का विधिवत लोकार्पण किया।

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स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में बड़ा मील का पत्थर

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से निर्मित और स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित यह अस्पताल उच्च हिमालयी क्षेत्र में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा। यह न केवल उत्तराखंड के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में एक बड़ा मील का पत्थर है, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के राज्य सरकार के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करता है।

हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम की यात्रा आस्था की दृष्टि से जितनी महत्वपूर्ण है, स्वास्थ्य के नजरिए से उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी रही है। समुद्र तल से लगभग 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी और अचानक बदलते मौसम के कारण अक्सर श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसी आवश्यकता को समझते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अस्पताल के निर्माण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा था।

दुर्गम स्थान पास बड़ी चुनौती था अस्पताल

लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, देवभूमि के इस शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय शुरू होना केवल एक सरकारी परियोजना का पूरा होना नहीं है, बल्कि यह बाबा केदार के प्रति हमारी सेवा और जनता के प्रति हमारी जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केदारनाथ जैसे दुर्गम स्थान पर 40 बेड का मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बनाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे राज्य सरकार और बीपीसीएल की टीम ने मिलकर सफलतापूर्वक पूरा किया है।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि, चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल नया रिकॉर्ड बना रही है। ऐसी स्थिति में त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अनिवार्य हो जाती है। यह अस्पताल अब आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का मुख्य केंद्र बनेगा। यहां उच्च क्षमता वाली ऑक्सीजन सुविधा, आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब, डिजिटल एक्स-रे, प्राथमिक उपचार इकाई और विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगा।

धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस अस्पताल के चालू होने से यात्रा मार्ग पर होने वाली स्वास्थ्य संबंधी अनहोनी और आपातकालीन स्थितियों को बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा। अब गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट करने से पहले तत्काल प्राथमिक उपचार और विशेषज्ञ देखरेख मिल सकेगी, जिससे कीमती जानों को बचाने में मदद मिलेगी।

61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी

राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड के विजन को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी साझा की कि प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश का हर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवार अब मुफ्त और बेहतर इलाज के दायरे में आ चुका है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है, ताकि राज्य के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े और स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की कमी को हमेशा के लिए दूर किया जा सके।

केदारनाथ धाम में इस अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी को सौंपी गई है, जो पहले से ही हिमालयी क्षेत्रों में निःस्वार्थ सेवा के लिए जानी जाती है। मुख्यमंत्री ने सोसाइटी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता का जो संदेश स्वामी विवेकानंद ने दिया था, यह अस्पताल उसी मार्ग पर चलते हुए बाबा केदार के भक्तों की सेवा करेगा। उन्होंने बीपीसीएल का भी आभार व्यक्त किया, जिसने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से इस पुनीत कार्य में सहयोग दिया।

केदारनाथ धाम में की विशेष पूजा

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाबा केदार के मंदिर में जाकर विशेष पूजा-अर्चना भी की और प्रदेशवासियों की सुख, शांति तथा जनकल्याण की मंगल कामना की। उन्होंने कहा कि, केदारपुरी का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा है और आज यहां की भव्यता और बढ़ती सुविधाएं उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं। इस कार्यक्रम में मौजूद केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने भी इस पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों के लिए यह अस्पताल एक वरदान साबित होगा, क्योंकि सर्दियों के समय में जब धाम के कपाट बंद होने के करीब होते हैं या विषम परिस्थितियों में स्थानीय लोगों को इलाज के लिए नीचे मैदानों की ओर भागना पड़ता था, अब उन्हें केदारनाथ में ही उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने इसे सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि धामी सरकार के नेतृत्व में केदार घाटी का चौमुखी विकास हो रहा है।

 

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