टीम इंडिया को मिलेगा स्पिन गेंदबाजी कोच?, गंभीर ने BCCI से की इस खिलाड़ी के नाम की सिफारिश

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अब टीम इंडिया को एक नई दिशा में ले जाने के लिए कमर कस चुके हैं। टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की चुनौतियों, खासकर, विदेशी दौरों और आईसीसी टूर्नामेंट्स को देखते हुए गंभीर अब कोचिंग स्टाफ में स्पेशलाइजेशन यानी विशेषज्ञता पर जोर दे रहे हैं। इसी कड़ी में एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि भारतीय स्पिन गेंदबाजी विभाग को फिर से दुनिया का नंबर वन बनाने के लिए गौतम गंभीर ने बीसीसीआई के सामने एक खास मांग रखी है।

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बीसीसीआई से हरी झंडी का इंतजार

गंभीर चाहते हैं कि टीम इंडिया के पास अब एक समर्पित स्पिन गेंदबाजी कोच हो, जो केवल स्पिनर्स की तकनीक और रणनीति पर काम करे। इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्होंने पूर्व भारतीय स्पिनर साईराज बहुतुले का नाम सुझाया है। अगर बीसीसीआई इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे देता है, तो भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह पहली बार होगा जब मुख्य टीम के साथ स्पिन गेंदबाजी के लिए एक अलग विशेषज्ञ कोच तैनात किया जाएगा।

Gautam Gambhir

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट के बीच चल रही चर्चाओं के केंद्र में अब सपोर्ट स्टाफ का विस्तार है। क्रिकबज की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, हेड कोच गौतम गंभीर ने स्पष्ट कर दिया है कि, आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों को देखते हुए अब केवल एक गेंदबाजी कोच से काम नहीं चलने वाला। फिलहाल, टीम इंडिया के पास मोर्ने मोर्केल के रूप में एक बेहतरीन तेज गेंदबाजी कोच मौजूद है, जो पेस बैटरी को धार दे रहे हैं।

वहीं सितांशु कोटक बल्लेबाजी विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन स्पिन गेंदबाजी, जो कभी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी, फिलहाल बिना किसी विशेषज्ञ मार्गदर्शक के चल रही है। गंभीर की चिंता जायज भी है, क्योंकि पिछले कुछ समय में भारतीय स्पिनर्स का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। भारतीय पिचों पर, जिन्हें स्पिनर्स का स्वर्ग कहा जाता है, वहां भी विपक्षी स्पिनरों ने भारतीय गेंदबाजों से बेहतर खेल दिखाया है।

स्पिनरों की फॉर्म पर उठ रहे सवाल

साल 2024 भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक काले अध्याय की तरह दर्ज हुआ जब न्यूजीलैंड ने भारत को उसके ही घर में टेस्ट सीरीज में हराकर इतिहास रच दिया। इस हार ने भारतीय स्पिन आक्रमण की कमजोरियों को जगजाहिर कर दिया। इतना ही नहीं, पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने भी भारतीय पिचों पर शानदार खेल दिखाया, जहां साइमन हार्मर और केशव महाराज जैसे विदेशी स्पिनरों ने भारतीय दिग्गज स्पिनरों की तुलना में अधिक प्रभाव छोड़ा।

कुलदीप यादव की निरंतरता और वरुण चक्रवर्ती जैसे रहस्यमयी स्पिनरों की फॉर्म पर उठते सवालों ने टीम मैनेजमेंट को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या अब समय आ गया है कि स्पिन विभाग को भी एक अलग विशेषज्ञ की जरूरत है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए गौतम गंभीर ने साईराज बहुतुले का नाम आगे बढ़ाया है, जिन्हें कोचिंग की दुनिया में स्पिन डॉक्टर माना जाता है।

साईराज बहुतुले का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही आंकड़ों के लिहाज से छोटा रहा हो, लेकिन क्रिकेट की उनकी समझ और घरेलू क्रिकेट का उनका अनुभव बेजोड़ है। उन्होंने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे मैच खेले, जिनमें उन्होंने टेस्ट में 3 विकेट और वनडे में 2 विकेट चटकाए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की यह संक्षिप्त यात्रा उनकी कोचिंग काबिलियत को बयां नहीं करती।

इंडियन टीम का हिस्सा रह चुके हैं बहुतुले

घरेलू क्रिकेट में बहुतुले एक दिग्गज के रूप में जाने जाते हैं और उन्होंने सालों तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी फिरकी का जादू बिखेरा है। सन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना पेशा बनाया और जल्द ही वह बीसीसीआई के नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) सिस्टम का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए। बहुतुले ने कई रणजी टीमों को कोचिंग दी और एनसीए में रहते हुए भारत की अगली पीढ़ी के स्पिनरों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

साईराज बहुतुले की साख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि, पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ भी उनकी कार्यशैली के कायल रहे हैं। द्रविड़ ने साल 2023 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान विशेष रूप से बहुतुले को भारतीय टीम के साथ जोड़ने की वकालत की थी, ताकि रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गजों को अतिरिक्त तकनीकी सहायता मिल सके। वह श्रीलंका दौरे पर भी टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं और खिलाड़ियों के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है।

बहुतुले की सबसे बड़ी खूबी यह है कि, वे युवा गेंदबाजों के साथ बहुत बारीकी से काम करते हैं। कई घरेलू स्पिनरों ने स्वीकार किया है कि बहुतुले की देखरेख में उनके गेंद पर नियंत्रण, ड्रिफ्ट, टर्न और सबसे महत्वपूर्ण बात, उनके वैरिएशन में जबरदस्त सुधार आया है। गंभीर का मानना है कि बहुतुले की यह विशेषज्ञता टीम इंडिया के मौजूदा स्पिनरों के गिरते ग्राफ को फिर से ऊपर ले जा सकती है।

नियुक्ति में फंसा तकनीकी पेंच

हालांकि, साईराज बहुतुले की नियुक्ति की राह में एक छोटा सा तकनीकी पेंच फंसा हुआ है। बहुतुले फिलहाल आईपीएल फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स (PBKS) के साथ बतौर स्पिन-बॉलिंग कोच जुड़े हुए हैं। उनकी भारतीय टीम में नियुक्ति इस बात पर निर्भर करेगी कि उनका पंजाब किंग्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट कैसा है और क्या वह आईपीएल 2026 अभियान के दौरान टीम इंडिया को समय दे पाएंगे।

Gautam Gambhir

बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, हितों के टकराव के चलते एक व्यक्ति एक साथ दो पदों पर नहीं रह सकता, इसलिए उन्हें पंजाब किंग्स का साथ छोड़ना पड़ सकता है। गौतम गंभीर, बहुतुले और बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों के बीच इस विषय पर प्रारंभिक दौर की बातचीत हो चुकी है और संकेत सकारात्मक मिल रहे हैं।

यदि बहुतुले टीम के साथ जुड़ते हैं, तो उनका प्राथमिक लक्ष्य कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और भविष्य के युवा स्पिनरों को विदेशी दौरों के लिए तैयार करना होगा, जहां पिचें स्पिनर्स की मदद नहीं करती हैं।

 

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