जेवर एयरपोर्ट से उड़ान का काउंटडाउन शुरू, ऑनलाइन बुकिंग विंडो खुली, ये होगा पूरा शेड्यूल

 ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के नागरिक उड्डयन इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। जेवर में बन रहे देश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों के इंतजार की घड़ियां अब समाप्त होने वाली हैं। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह ने इस ऐतिहासिक घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया है कि एयरपोर्ट से उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग आज शाम से अधिकारिक तौर पर शुरू कर दी जाएगी।

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लखनऊ से जेवर पहुंचेगी पहली फ्लाइट

यह खबर न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन लाखों लोगों के लिए बड़ी सौगात है, जो लंबे समय से इस हवाई अड्डे के क्रियाशील होने की राह देख रहे थे। जेवर एयरपोर्ट अब केवल एक निर्माणाधीन ढांचा नहीं, बल्कि आसमान छूने को तैयार एक हकीकत बन चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान आगामी 15 जून की सुबह आसमान में उड़ान भरेगी।उड्डयन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंडिगो इस ऐतिहासिक सफर की शुरुआत करने जा रही है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली उड़ान प्रदेश की राजधानी लखनऊ से उड़ान भरकर ग्रेटर नोएडा यानी जेवर पहुंचेगी। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो से एयरोड्रम सिक्योरिटी प्लान को हरी झंडी मिलने के बाद अब संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। आज शाम से यात्री इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ मेक माई ट्रिप जैसे प्रमुख ट्रैवल पोर्टल्स पर जाकर टिकट बुक कर सकेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि इस एयरपोर्ट का इंटरनेशनल कोड ‘DXN’ तय किया गया है, जो अब बुकिंग सर्च इंजन पर सक्रिय हो जाएगा।

परियोजना के पहले चरण की बात करें तो इसे 1334 हेक्टेयर के विशाल भूभाग पर विकसित किया गया है। यहां विश्वस्तरीय सुविधाओं का जाल बिछाया गया है, जिसमें 3900 मीटर लंबा एक भव्य रनवे, अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर शामिल है। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के लिए 30 एकड़ में फैला एक विशाल कार्गो सेंटर भी तैयार है।

28 मार्च को हुआ था उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 28 मार्च को इस भव्य प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था और तब से ही सुरक्षा मानकों की जांच और ट्रायल रन की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही थी। अब 15 जून की तारीख तय होने के साथ ही नोएडा एयरपोर्ट वैश्विक विमानन मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है।

संचालन के शुरुआती दौर में इंडिगो एयरलाइंस अपनी सेवाएं प्रदान करेगी, लेकिन जल्द ही अन्य प्रमुख विमानन कंपनियां जैसे अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी यहाँ से अपनी उड़ानें शुरू करेंगी। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की हालिया बोर्ड बैठक में देश के 17 प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

शुरुआती कार्यक्रम के अनुसार, पहली फ्लाइट लखनऊ से चलकर सुबह 8:15 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। मात्र 5 मिनट के टेक्निकल हॉल्ट के बाद, यही विमान सुबह 8:20 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना हो जाएगा। अन्य शहरों जैसे मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता के लिए विस्तृत समय सारिणी भी आज देर शाम तक सार्वजनिक कर दी जाएगी।

शुरू होंगी विशेष बस सेवाएं

कनेक्टिविटी के लिहाज से भी प्रशासन ने चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं, जिस दिन पहली फ्लाइट लैंड करेगी, उसी दिन से एयरपोर्ट के लिए विशेष बस सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने इसके लिए रूट फाइनल कर लिए हैं। ये बसें न केवल ग्रेटर नोएडा और नोएडा, बल्कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के प्रमुख शहरों को भी सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेंगी। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने या वहां से अपने गंतव्य तक जाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए यहाँ भविष्य में मेट्रो और पॉड टैक्सी की योजना पर भी काम चल रहा है।

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भविष्य की योजनाओं को देखें तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल भारत बल्कि एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की ओर अग्रसर है। वर्तमान योजना के अनुसार यहां कुल 5 रनवे बनाए जाने हैं, जबकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए छठे रनवे की संभावना भी तलाशी जा रही है। रनवे की संख्या और आधुनिक तकनीक के मामले में यह चीन के शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट को टक्कर देगा। कुल 52 वर्ग किलोमीटर में फैले इस एयरपोर्ट का क्षेत्रफल इसे एशिया का सिरमौर बनाएगा। वर्तमान में चीन का बीजिंग डैक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट 47 वर्ग किलोमीटर के साथ सबसे बड़ा है, लेकिन जेवर एयरपोर्ट का पूर्ण विकास इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा।

IGI एयरपोर्ट पर कम होगा दबाव

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुरू होना केवल परिवहन की सुविधा नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक कायाकल्प का इंजन साबित होगा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और औद्योगिक गलियारों का निर्माण तेजी से चल रहा है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दबाव कम होगा और यात्रियों को एक बेहतरीन वैकल्पिक केंद्र मिलेगा। आज शाम से टिकटों की बुकिंग शुरू होना इस महान सपने के सच होने की पहली आधिकारिक सीढ़ी है।

 

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