
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद शुरू हुआ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आलम ये है कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। यहां बुधवार की देर रात भाजपा के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई।
इसे भी पढ़ें- आर एन रवि ने पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल के तौर पर शपथ ली
राजनीतिक गलियारों में हलचल
मध्यमग्राम के दोहारिया इलाके में हुई इस वारदात ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इस हत्याकांड को जिस तरह से अंजाम दिया गया, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा था। माना जा रहा है कि हमलावर पहले से ही घात लगाकर बैठे थे और मौका मिलते चन्द्रनाथ रथ की हत्या कर दी।

इस घटना के बाद से ही बंगाल की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर है। एक तरफ भाजपा इसे राज्य प्रायोजित हत्या और तृणमूल कांग्रेस की साजिश करार दे रही है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन मामले को सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फोरेंसिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। चंद्रनाथ रथ, जो पूर्व वायुसेना कर्मी भी रह चुके थे, उनकी इस तरह से हुई हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आइए जानते हैं इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए हैं और पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
घटना बुधवार रात करीब 10:20 बजे की है जब चंद्रनाथ रथ विधानसभा का कामकाज निपटाकर अपनी एसयूवी कार से माइकलनगर स्थित अपने घर जा रहे थे। मध्यमग्राम के दोहारिया इलाके में एक बिरयानी की दुकान के पास पहुंचते ही बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, एक अज्ञात चार पहिया वाहन अचानक चंद्रनाथ की एसयूवी के आगे आ गया, जब तक ड्राइवर बुद्धदेव बेरा कुछ समझ पाते या गाड़ी पीछे लेने की कोशिश करते, तब तक दो अलग-अलग बाइक पर सवार चार नकाबपोश हमलावर गाड़ी के बिल्कुल करीब पहुंच गए और चन्द्रनाथ पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना हैं कि, जिस तरह से हमलवार आये थे, ऐसा लग रहा था कि उन्हें कानून का तनिक भी डर नहीं था।
ड्राइवर भी घायल
इस घातक हमले में चंद्रनाथ रथ को संभलने का कोई मौका तक नहीं दिया। हमले में गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए और चारों तरफ खून ही खून फ़ैल गया। हालांकि, ड्राइवर बुद्धदेव बेरा ने साहस दिखाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। उन्होंने बुद्धदेव के सीने, पेट और पैर में गोलियां मारी, जिससे वह बुरी तरह जख्मी होकर स्टेयरिंग पर ही गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों को पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अत्यधिक खून बह जाने और सीने में गहरी चोट लगने की वजह से अस्पताल पहुंचने से पहले ही चन्द्रनाथ रथ की मृत्यु हो चुकी थी।
वारदात की सूचना मिलते ही पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी जेसोर रोड को छावनी में तब्दील कर दिया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाने शुरू किए। डीजीपी ने बताया कि, पुलिस ने उस छोटी चार-पहिया गाड़ी को बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल रास्ता रोकने के लिए किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि, गाड़ी की नंबर प्लेट सिलीगुड़ी आरटीओ की है, लेकिन शुरुआती जांच में यह नंबर फर्जी पाया गया है। पुलिस का मानना है कि नंबर प्लेट के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी ताकि जांच भटकायी जा सके। पुलिस अब इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके।

चंद्रनाथ रथ की हत्या की खबर मिलते ही सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर जमा हो गए और पूरी रात अस्पताल परिसर में टीएमसी मुर्दाबाद के नारों लगते रहे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में विपक्षी नेताओं और उनके करीबियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को एक गहरी साजिश बताते हुए कहा कि हमलावरों ने कई दिनों तक चंद्रनाथ की रेकी की थी। उन्हें पता था कि, वह किस रास्ते से और किस समय लौटते हैं। अधिकारी ने इसे कोल्ड ब्लडेड मर्डर करार दिया है। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए घटना की निंदा की है और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
चश्मदीद ने बताया- पेशेवर लग रहे थे हमलावर
घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि, हमलावर बेहद पेशेवर लग रहे थे। उन्होंने बताया कि कुल 8 लोग 4 बाइकों पर सवार होकर आए थे और पूरी योजना के साथ इस हत्याकांड को अंजाम दिया। जैसे ही गाड़ी रुकी, एक हमलावर बाईं ओर से आया और लगभग सटाकर गोली चला दी। चश्मदीद के अनुसार, उन्होंने दो से तीन धमाकों की आवाज सुनी और जब तक लोग कुछ समझ पाते और मदद के लिए दौड़ते, हमलावर भाग चुके थे।
इधर, ड्राइवर बुद्धदेव बेरा की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। पुलिस ने राजनीतिक रंजिश और निजी विवाद, दोनों ही एंगल से जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी न होने से जनता में भारी रोष है। हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
इसे भी पढ़ें- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर प्रोटोकॉल विवाद, केंद्र ने मांगा स्पष्टीकरण



