
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और चुनावी मशीनरी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। बंगाल चुनाव के नतीजों और वहां की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने इसे मतगणना के बजाय मनगणना करार दिया।
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लाइव टेलीकास्ट की मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा चुनावों को लोकतांत्रिक तरीके से जीतने के बजाय उसे मैनेज करके जीतती है। सपा मुखिया ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा का 10 नंबरी मॉडल पूरे देश के लोकतंत्र को अपनी जकड़ में ले चुका है। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की चुनावी स्थिति की तुलना उत्तर प्रदेश के 2022 विधानसभा चुनाव से की और सुप्रीम कोर्ट से लाइव सीसीटीवी टेलीकास्ट की मांग कर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि हम लंबे समय से यह बात कहते आ रहे हैं कि, भाजपा चुनाव लड़ती नहीं है, बल्कि उसे मैनेज करती है। उन्होंने बंगाल चुनाव के नतीजों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आजकल वोटों की गिनती नहीं होती, बल्कि मन की गिनती यानी मनगणना होती है।
पहले से नैरेटिव सेट कर लेती है बीजेपी
उनके अनुसार, भाजपा एक खास रणनीति के तहत पहले एक परसेप्शन और नैरेटिव सेट करती है। काउंटिंग शुरू होने से पहले ही ऐसा माहौल बना दिया जाता है कि, जिसे भाजपा जिताना चाहती है, वह पहले ही जीतता हुआ दिखाई दे। यह मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का एक तरीका है ताकि विपक्ष और जनता पहले ही हार मान लें। उन्होंने कहा कि यह खेल हम उत्तर प्रदेश में कई बार देख चुके हैं, जहां शुरूआती रुझानों में ही परिणाम को एक तरफा दिखाने की कोशिश की जाती है।
अखिलेश यादव ने अपनी बात को तकनीकी धरातल पर रखते हुए एक बड़ी मांग देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि, जब देश में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की प्रोसीडिंग का लाइव टेलीकास्ट हो सकता है, तो मतगणना का क्यों नहीं? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मतगणना के सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने लाइव चलाए जाने चाहिए।
सपा मुखिया ने सवाल उठाया कि, जब सब कुछ डिजिटल इंडिया में लाइव हो रहा है, तो फिर मतगणना केंद्र के अंदर क्या चल रहा है, इसे छुपाने की कोशिश क्यों की जा रही है? उन्होंने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि, बंगाल की मुख्यमंत्री अकेले इस मल्टीलेयर इलेक्शन माफिया से लड़ रही थीं। उन्होंने 79 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लोकतंत्र की हत्या करार दिया और पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में नाम किसके इशारे पर काटे गए।
2022 में यूपी चुनाव में भी हुआ था खेल
उत्तर प्रदेश की राजनीति को बंगाल के हालातों से जोड़ते हुए अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो कुछ आज बंगाल में देखा जा रहा है, वह उत्तर प्रदेश के समाजवादी कार्यकर्ता 2022 में ही झेल चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 के चुनाव में कई विधानसभा सीटों पर प्रशासन ने भाजपा के इशारे पर काम किया।
सेंट्रल फोर्सेस का इस्तेमाल कर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों को बूथों और काउंटिंग सेंटरों से बाहर निकाल दिया गया था। अखिलेश यादव ने कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव का उदाहरण देते हुए इसे वोट की डकैती बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह 10 नंबरी मॉडल अफसरों और माफियाओं की मिलीभगत से चलता है, जहां जनादेश को जबरन बदला जाता है।
सपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पुराने दिनों की याद दिलाई और कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के समय भी हमें करो या मरो का नारा देना पड़ा था। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन तब तक आपको जीत का सर्टिफिकेट नहीं देता, जब तक आप बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर अपना हक नहीं मांगते। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने एलईडी स्क्रीन पर कुछ तस्वीरें भी दिखाईं, जो उपचुनाव के दौरान की थीं। उन तस्वीरों में कुछ महिलाएं पुलिस की रिवॉल्वर के सामने खड़ी दिखाई दे रही थीं।
मेधावियों का किया सम्मान
अखिलेश ने उन महिलाओं की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए इन माताओं-बहनों ने अपनी जान की परवाह नहीं की। उन्होंने बताया कि वह उन परिवारों से मिले हैं और उन महिलाओं का सम्मान भी किया है, जिन्होंने अधिकारी की रिवॉल्वर के आगे झुकने से मना कर दिया था। सपा मुखिया ने उन परिवारों की आर्थिक मदद करने की बात भी दोहराई।
राजनीतिक हमलों के बीच अखिलेश यादव प्रतिभाओं का सम्मान करना भी नहीं भूले। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नाम रोशन करने वाली गोरखपुर की मेधावी छात्रा आराधना को सम्मानित किया। आराधना ने आईएससी बोर्ड परीक्षा में टॉप किया था, जिसे अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय में लैपटॉप भेंट किया। उनके साथ अन्य मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया गया।
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से मेधावी छात्रों के साथ खड़ी रही है क्योंकि युवा ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जहां एक ओर हम बच्चों को भविष्य बनाने के लिए लैपटॉप दे रहे हैं, वहीं भाजपा सरकार युवाओं को बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं में उलझा रही है।
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