
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी के निकटवर्ती सेलाकुई क्षेत्र में आध्यात्म और आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिला। आदि शक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित विशाल मां भगवती जागरण ने पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे।
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मां के जयकारों से गूंजा सेलाकुई
मुख्यमंत्री ने न केवल विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, बल्कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता की सुख-शांति और खुशहाली के लिए मां भगवती से आशीर्वाद भी मांगा। भारी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा सेलाकुई क्षेत्र गुंजायमान रहा और वातावरण में एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार महसूस किया गया। जागरण का शुभारंभ परंपरा के अनुसार पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ ज्योत प्रज्वलन से हुआ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य मंच पर पहुंचकर मां भगवती की अखंड ज्योति को नमन किया और प्रदेश की प्रगति का संकल्प दोहराया। इस पावन अवसर पर उनके साथ क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए बताया कि मां की भक्ति में लीन होना उनके लिए आत्मिक शांति का क्षण था। उन्होंने समिति के सदस्यों और स्थानीय जनता के साथ मिलकर सामूहिक प्रार्थना की कि उत्तराखंड निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर रहे और हर नागरिक का जीवन खुशहाल बना रहे।
रात भर हुआ मां का गुणगान
जैसे-जैसे रात परवान चढ़ी, जागरण की भव्यता भी बढ़ती गई। विख्यात भजन गायकों ने अपनी सुरीली आवाज और भक्ति गीतों से ऐसा समां बांधा कि पंडाल में मौजूद हजारों भक्त झूमने पर मजबूर हो गए। माता वैष्णो देवी के जयकारों और मधुर भजनों ने वातावरण को इतना भक्तिमय बना दिया कि लोग सर्दी की परवाह किए बिना पूरी रात मां की महिमा का गुणगान करते रहे। समिति द्वारा की गई भव्य सजावट और प्रकाश व्यवस्था ने आयोजन स्थल को एक दिव्य लोक का स्वरूप दे दिया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों और समिति के स्वयंसेवकों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सनातन संस्कृति और देवभूमि के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता से नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध आध्यात्मिक पहचान और गौरवशाली सनातन परंपराओं से है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन परंपराओं को सुरक्षित रखना और इन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का नैतिक और सामूहिक उत्तरदायित्व है।
सीएम की मौजूदगी ने महोत्सव को बनाया ऐतिहासिक
उन्होंने कहा कि जिस समाज की जड़ें अपनी संस्कृति से गहराई तक जुड़ी होती हैं। वहीं, समाज प्रगति के वास्तविक सोपानों को छूता है। धामी ने आगे कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं और समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिकता के इस दौर में हमें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान युवाओं को अपनी संस्कृति और पूर्वजों के मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने आदि शक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि, इस तरह के आयोजन जनता में सकारात्मकता का संचार करते हैं और कठिन समय में धैर्य रखने की शक्ति प्रदान करते हैं। क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने भी आयोजन की सफलता पर खुशी व्यक्त की और मुख्यमंत्री का क्षेत्र में आगमन पर आभार प्रकट किया।
हजारों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
आयोजन की व्यवस्थाओं में स्थानीय पुलिस प्रशासन और सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने भी अहम भूमिका निभाई। देर रात तक चले इस जागरण में भक्तों के लिए भंडारे का भी प्रबंध किया गया था, जहां हजारों लोगों ने मां का प्रसाद ग्रहण किया। सेलाकुई के स्थानीय निवासियों ने भी इस भव्य आयोजन को लेकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि, मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने उनके क्षेत्र के इस धार्मिक महोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया है।
मां भगवती की भव्य आरती के साथ जागरण का समापन हुआ, जिसमें सभी भक्तों ने एक साथ मिलकर आरती गायी और मां के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के समापन पर समिति के सदस्यों को सफल आयोजन की बधाई दी और एक बार फिर राज्य की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम बनकर रह गया, बल्कि इसने देवभूमि की एकता और सांस्कृतिक सुदृढ़ता का एक सशक्त संदेश भी पूरे प्रदेश में प्रसारित किया।
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