शेयर बाजार और रुपये में ऐतिहासिक गिरावट…निवेशकों के डूबे अरबों रुपये

टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसी आईटी कंपनियों के शेयर बढ़त बनाने में सफल रहे।

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में छाई सुस्ती और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स 926.92 अंक टूटकर 74,346.53 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 280.95 अंकों की गिरावट के साथ 23,025.50 पर पहुंच गया। बाजार में इस हाहाकार के पीछे कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बने रहना और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही पूंजी की निकासी को मुख्य कारण माना जा रहा है। सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों जैसे बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई, हालांकि टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसी आईटी कंपनियों के शेयर बढ़त बनाने में सफल रहे।

बाजार के साथ-साथ भारतीय मुद्रा की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.54 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली और पश्चिम एशिया संकट के समाधान न होने से डॉलर की मजबूती ने स्थानीय मुद्रा पर भारी दबाव बनाया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया पिछले बंद भाव से 33 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ खुला। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला जारी रहने से फिलहाल बाजार और रुपये में स्थिरता आने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।

 

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