आजमगढ़ में गैस जमाखोरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, भूसे में मिले भारी मात्रा में सिलेंडर

आजमगढ़। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की किल्लत की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। इसी स्थिति का अनुचित लाभ उठाने के लिए स्थानीय स्तर पर कुछ जमाखोरों ने गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण शुरू कर दिया था। हालांकि, आजमगढ़ जिला प्रशासन ने इस साजिश को नाकाम करने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशन में जिला पूर्ति विभाग की टीम लगातार शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर छापेमारी कर रही है, जिससे जिले के कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

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स्टॉक मिलान में कम पाए गए सिलेंडर

पिछले दो सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक गैस एजेंसी संचालक, तीन दुकानदारों, एक बड़े जमाखोर और एक ढाबा संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की है। प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी विकास कुमार सिंह ने बताया कि शिकायतों के आधार पर सगड़ी तहसील क्षेत्र के तौहीद इंडेन ग्रामीण वितरक पर छापेमारी की गई, जहां स्टॉक मिलान के दौरान 43 कमर्शियल गैस सिलेंडर कम पाए गए। यह सीधे तौर पर कालाबाजारी का संकेत है, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

LPG Shortage

इसी क्रम में निजामाबाद तहसील के संजरपुर बाजार में एक प्रसिद्ध समोसे की दुकान पर छापा मारा गया, जहां से व्यावसायिक उपयोग के बजाय घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल होते पाया गया। मौके से पांच घरेलू और एक कमर्शियल सिलेंडर बरामद किया गया। वहीं, बुढ़नपुर तहसील के कस्बा स्थित एक गैस स्टोव रिपेयरिंग की दुकान पर चल रहे अवैध रिफिलिंग के खेल का भी भंडाफोड़ हुआ। यहां से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों के साथ-साथ रिफिलिंग के उपकरण और पेट्रोमैक्स जब्त किए गए।

 भूसे के गोदाम ने बनाया डिपो 

लालगंज तहसील क्षेत्र के श्रीकांतपुर गांव में एक व्यक्ति ने अपने भूसे के गोदाम को ही अवैध गैस डिपो बना डाला था। प्रशासन की टीम ने जब यहाँ छापा मारा, तो भूसे के ढेर के बीच छिपाकर रखे गए 19 घरेलू और 5 कमर्शियल सिलेंडर बरामद हुए। इसके अलावा निजामाबाद के हाफिजपुर चौक में एक गुमटीनुमा दुकान से भी अवैध रिफिलिंग का सामान पकड़ा गया।

प्रशासन की पहुंच से शहर के नामी प्रतिष्ठान भी नहीं बच सके। ‘पैराडाइज ढाबे’ पर की गई छापेमारी के दौरान 10 खाली घरेलू सिलेंडर मिले, जिनका उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा था। संस्थान के पास इन सिलेंडरों से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं थे। इसके बाद प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन सभी दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमे दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

एजेंसी संचालकों की मनमानी पर लगाम

कल हुई ताजा कार्रवाई में सगड़ी तहसील के महुला स्थित ‘प्रशांत सेन भारत गैस ग्रामीण वितरक’ की एजेंसी पर बड़ी अनियमितता सामने आई। उपभोक्ताओं की निरंतर शिकायतों पर जब जांच की गई, तो स्टॉक रजिस्टर के अनुसार मौके पर 188 घरेलू और 17 कमर्शियल सिलेंडर भरे होने चाहिए थे, लेकिन वे नदारद मिले। इस मामले में जिला प्रशासन अब कालाबाजारी की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने की तैयारी कर रहा है।

 डीएम बोले-गैस की कमी नहीं

आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जिले के नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आजमगढ़ में गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, “जिले में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध है और हर जरूरतमंद को उसकी मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कुछ लोग वैश्विक परिस्थितियों का डर दिखाकर जमाखोरी करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की टीमें 24 घंटे सतर्क हैं और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।”

 मांग से ज्यादा सिलेंडर हैं जिले में

प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी विकास सिंह ने जिले में गैस की उपलब्धता का पूरा खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ जिले में कुल 83 गैस एजेंसियां संचालित हैं। प्रतिदिन की औसत बुकिंग के आधार पर जिले की मांग लगभग 14,500 सिलेंडर है। इसके विपरीत, वर्तमान में विभिन्न एजेंसियों के पास कुल 17,500 सिलेंडर उपलब्ध हैं। यानी जिले में मांग से 3,000 सिलेंडर अधिक का स्टॉक मौजूद है। ऐसे में उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और रहेगी।

आजमगढ़ जिला प्रशासन की इस सक्रियता ने यह संदेश दिया है कि संकट के समय जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल ही सही जगह है। नियमित छापेमारी और मुकदमों की बौछार से अवैध रिफिलिंग और कमर्शियल उपयोग में घरेलू सिलेंडर खपाने वाले गिरोहों की कमर टूट गई है।

 

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