अब सच होने लगा है नौ साल पहले देखा गया सपना, यूपी में हो रहा बंपर निवेश- सीएम योगी

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश मित्र 3.0 कार्यक्रम को किया संबोधित

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश देश के अंदर इन्वेस्टमेंट के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप मे खुद को स्थापित कर सके, जो सपना आज से 9 वर्ष पहले हमने देखा था, आप सब की उपस्थिति उस सपने को जमीनी धरातल पर हकीकत में उतारने वाली है।आपने प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार पर विश्वास किया,तो आपके विश्वास पर खरा उतरने के लिए उस प्रकार का वातावरण आपको मिल सके,इसको प्रदेश सरकार ने प्रभावी ढंग से जमीनी धरातल पर उतारकर प्रस्तुत किया है।

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उक्त बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश कार्यक्रम 03 में कही।  सीएम ने कहा, इसके कारण आज पूरे देश में किसी भी उद्यमी के लिए निवेश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थल उत्तरप्रदेश होता है। यह विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, इस विश्वास को पिछली सरकारों ने तोड़ा था। उत्तरप्रदेश वासियों और नौजवानों के सपना तोड़ा था। देश के सबसे बड़े राज्य के सामने वजूद के संकट खड़े किए गए थे। आज मैं दावे के साथ कह सकता हूं, आपका जो विश्वास डबल इंजन की सरकार पर हुआ है, उस विश्वास पर खरी उतरने के लिए हमारी टीम यूपी ने परिश्रम किया।

उत्तरप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट भी कहा जाता है। बीच के कालखंड में किसान ने इससे पलायन किया,आत्महत्या करने पर मजबूर हुए। स्थितियां बहुत खराब थीं,लेकिन पिछले 9 वर्ष में हमने इस सेक्टर को और अच्छे ढंग से आगे बढ़ाया। परिणाम क्या हुआ, भारत के कुल कृषि योग्य भूमि का 11 फीसदी यूपी के पास है,और खाद्यान्न उत्पादन 21% कर रहा है,यानी 11 फीसदी भूमि में 21 फीसदी उत्पादन करके उत्तरप्रदेश फूड बास्केट के रूप में खुद को पुनर्स्थापित भी कर रहा है।

सीएम ने कहा, उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश का बेहतरीन गंतव्य बने,पिछले 9 वर्ष में इसके लिए अनेक प्रयास किये गए। मुझे याद है,2017 में जब हम निवेश की बात करते थे,एक सामान्य शिष्टाचार वश मिलने के लिए भले ही कोई आ जाए, लेकिन जब हम प्रदेश के बाहर कहीं जाकर कहते थे कि यूपी आइए निवेश करिये, तो कहते थे यूपी? कुछ लोग चुप हो जाते थे,लेकिन कुछ लोग कहते थे कि हमने 5 साल पहले संकल्प ले लिया था कि यूपी नही जाएंगे,लेकिन आप आये हैं तो एक बार प्रयास करेंगे!!!इतना बोलकर हमारी वार्ता समाप्त हो जाती थी,ये 2017 में सच्चाई थी जिसको हमने फेस किया था।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, पहचान का संकट किसने खड़ा किया था? हर थाना क्षेत्र में,हर जनपद में समानांतर सरकार चलाने वाले माफिया गिरोहों ने खड़ा किया था,वह किसी न किसी राजनेता के गुर्गे के रूप में समानांतर सरकार चलाता था।किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित नहीं रहने देता था,न व्यापारी को,न बेटी को,न सामान्य नागरिक को।तब हमने तय किया कि इस माफिया की कमर तोड़नी है,और उत्तरप्रदेश में इसको क्रैश करना है,हम ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेंगे। यह ज़ीरो टॉलरेंस आज भी बना हुआ है,माफिया कोई भी हो,किसी का भी सरपरस्त हो,अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो यह मान कर चलिए वह यमराज के यहां का टिकट काट रहा है।

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