
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के जेवर ने बन रही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का डिज़ाइन भारतीय संस्कृति और आधुनिकता के सबसे बेहरतीन संगम है। इस एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को वाराणसी और हरिद्वार के गंगा घाटों की झलक देखने को मिलेगी क्योंकि टर्मिनल की छत को लहरों जैसे पैटर्न में डिज़ाइन किया गया है, जिससे नदी की लहरों का एहसास होता है और कुदरती रोशनी अंदर आती है।
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उद्घाटन में 5 दिन शेष
जी हां, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी वास्तुकला, तकनीक और सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम की वजह से दुनिया भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इसके उद्घाटन में अब महज 5 दिन शेष बचे हैं और तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी की जा रही हैं। इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसका टर्मिनल है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां कदम रखते ही यात्रियों को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ भारत की आध्यात्मिक राजधानी काशी और हरिद्वार के गंगा घाटों का साक्षात अनुभव होगा।

आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को इस महापरियोजना का उद्घाटन करेंगे और इसे जनता को सौपेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए प्रशासन को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के साथ सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय विरासत के प्रतिबिंब है टर्मिनल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग को केवल एक कंक्रीट का ढांचा की तरह नहीं, बल्कि भारतीय विरासत के प्रतिबिंब के रूप में विकसित किया गया है। एयरपोर्ट के भीतर प्रवेश करते ही यात्रियों का स्वागत उन सीढ़ियों से होगा, जिन्हें बनारस के प्रसिद्ध गंगा घाटों की तर्ज पर बनाया गया है। इन सीढ़ियों की बनावट और पत्थर का चुनाव इस तरह किया गया है कि, यह वाराणसी के मणिकर्णिका या दशाश्वमेध घाट की याद दिलाता है।
टर्मिनल की छत इस एयरपोर्ट का मुख्य आकर्षण है। छत का डिजाइन नदी की लहरों की तरह घुमावदार है। यह न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी इस तरह से बनाया गया है कि, दिन के प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग हो सके, जिससे ऊर्जा की बचत होगी। जब यात्री टर्मिनल के नीचे खड़े होंगे, तो उन्हें ऐसा महसूस होगा जैसे वे नदी की किसी शीतल लहर के नीचे विश्राम कर रहे हैं।
इंटीरियर में हवेली और कोर्टयार्ड भी
भारतीय वास्तुकला में आंगन या कोर्टयार्ड का विशेष महत्व रहा है। इसी परंपरा को आधुनिक रूप देते हुए एयरपोर्ट के भीतर एक विशाल सेंट्रल कोर्टयार्ड तैयार किया गया है। यह स्थान यात्रियों के लिए विश्राम और सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बनेगा। एयरपोर्ट के इंटीरियर में राजस्थान और उत्तर प्रदेश की पारंपरिक हवेली शैली का प्रभाव स्पष्ट झलकता है। नक्काशीदार खंभे, जालीदार खिड़कियां और खुला वातावरण यात्रियों को वैश्विक मानकों की सुविधाएं देते हुए भी अपनी जड़ों से जोड़े रखेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि, यह डिजाइन विदेशी पर्यटकों के लिए भारतीय संस्कृति का पहला और सबसे प्रभावशाली परिचय साबित होगा। टर्मिनल की छत के निर्माण में जिस सामग्री का उपयोग किया गया है, वह तकनीक और इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। छत पर एक विशेष प्रकार का फैब्रिक इस्तेमाल किया गया है, जिसे एक प्रतिष्ठित स्विस कंपनी ने डिजाइन किया है।
सुरक्षा का कवच
यह विशेष कपड़ा पूरी तरह से फायरप्रूफ, वाटरप्रूफ है, इस पर तेज धूप या अल्ट्रावॉयलेट किरणों का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। दिलचस्प बात यह है कि इस हाई-टेक स्विस कपड़े की सिलाई और फिनिशिंग का काम मुंबई में किया गया है। यह वैश्विक तकनीक और भारतीय श्रम के तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
28 मार्च को होगा उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का फीता काटकर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि दिल्ली-NCR के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। उद्घाटन समारोह की भव्यता को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया है कि, उद्घाटन समारोह में आने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा और सुविधा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। एयरपोर्ट की ओर जाने वाली सभी सड़कों को सजाया जा रहा है और सुरक्षा के लिए त्रि-स्तरीय घेरा तैयार किया गया है। प्रदेश के सभी बड़े विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मिलेंगे ये फायदे
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल उड़ानों का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्र के लिए आर्थिक इंजन बनेगा।
- एयरपोर्ट शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- जेवर और ग्रेटर नोएडा के आसपास रियल एस्टेट सेक्टर में भारी निवेश देखा जा रहा है।
- यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योगों और लॉजिस्टिक्स पार्क का जाल बिछने से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य में बड़ी मदद मिलेगी।
यात्रियों के लिए खास
- यह पेपरलेस और पूरी तरह से डिजिटल एयरपोर्ट होगा, जहां बायोमेट्रिक पहचान के जरिए बोर्डिंग की सुविधा मिलेगी।
- दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल से जुड़ा होगा। इसके अलावा मेट्रो और रैपिड रेल के जरिए भी यात्री आसानी से यहां पहुंच सकेंगे।
- यह भारत का पहला नेट-जीरो उत्सर्जन वाला एयरपोर्ट होगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मिसाल पेश करेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह टर्मिनल इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी प्राचीन विरासत को छोड़े बिना आधुनिकता की दौड़ में सबसे आगे रह सकता है। जहां एक तरफ गंगा घाट की शांति होगी, वहीं दूसरी तरफ दुनिया की सबसे तेज और सुरक्षित विमानन सेवाएं मिलेंगी।
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