तस्करों ने गौ-सेवक ‘फरसा वाले बाबा’ को गाड़ी से कुचला, भीड़ ने किया पथराव, सेना ने संभाला मोर्चा

मथुरा। कान्हा की नगरी मथुरा में ईद के मुबारक मौके पर उस समय मातम और हिंसा का माहौल बन गया, जब एक प्रसिद्ध गौ-सेवक की निर्मम हत्या की खबर सामने आई। इस घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने आगरा-दिल्ली हाईवे को रणक्षेत्र बना दिया। गौ-तस्करों द्वारा गौ-सेवक चंद्रशेखर, जिन्हें क्षेत्र में फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता था, की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई। इस वीभत्स घटना के विरोध में भड़की भीड़ ने हाईवे पर भारी पथराव किया और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों को भी निशाना बनाया। स्थिति की भयावहता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल और सेना की टुकड़ी को मोर्चा संभालना पड़ा।

 इसे भी पढ़ें- मथुरा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने जहर खाकर दी जान, दीवार पर लिखा सुसाइड नोट

 गौ तस्करों ने की हत्या  

मिली जानकारी के अनुसार, थाना कोसीकलां क्षेत्र के अंतर्गत कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर में बीती रात गौ-तस्करों की सक्रियता की सूचना गौ-सेवक चंद्रशेखर को मिली थी। वे अपनी टीम के साथ तस्करों का पीछा कर रहे थे। नवीपुर के समीप तस्करों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपनी गाड़ी को बाबा के ऊपर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बाबा चंद्रशेखर अपने निडर स्वभाव और गौ-वंश की रक्षा के लिए पूरे ब्रज क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय थे। उनकी हत्या की खबर जैसे ही पूरे इलाके में फैली, हिंदूवादी संगठनों और गौ-भक्तों में भारी रोष फ़ैल गया।

Mathura

बाबा का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गांव अंजनोख स्थित गोशाला पहुंचा, वहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-सेवक जमा हो गए। आंखों में आंसू और सीने में बदले की आग लिए सैकड़ों लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप धारण कर लिया और आक्रोशित भीड़ ने आगरा-दिल्ली हाईवे को जाम कर दिया।

भीड़ ने वाहनों पर किया पथराव

भीड़ का आक्रोश इतना अधिक था कि, उन्होंने हाईवे पर मौजूद वाहनों पर पथराव करना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस पथराव से भगदड़ मच गई। हाईवे पर फंसे राहगीर अपनी जान बचाकर भागने लगे। उपद्रवियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी नहीं बख्शा। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, एसपी ग्रामीण सुरेशचंद्र रावत, एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार और वीआईपी ड्यूटी के लिए अलीगढ़ से आए थाना प्रभारी की गाड़ियां उपद्रवियों के निशाने पर आ गईं। भीड़ ने इन गाड़ियों के शीशे और खिड़कियां तोड़ दीं, जिससे प्रशासनिक तंत्र हिल गया।

हिंसा को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ की संख्या इतनी अधिक थी कि पुलिसकर्मियों के कदम पीछे हट गए। स्थिति को हाथ से निकलता देख पुलिस ने मजबूरन आंसू गैस के गोले दागने शुरू किए ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके। पूरे बरसाना मार्ग और हाईवे के आसपास के रास्तों पर सघन नाकाबंदी कर दी गई है ताकि फरार आरोपी गौ-तस्करों को पकड़ा जा सके।

 मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

Mathura

बढ़ते बवाल और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आला अधिकारियों को मौके पर बुलाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना की टुकड़ियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। वर्तमान में क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, हालांकि क्षेत्र में अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।

 गौ-तस्करी पर सवाल

इस घटना ने ब्रज क्षेत्र में गौ-तस्करी के नेटवर्क पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरसा वाले बाबा की हत्या ने यह साबित कर दिया है कि, तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। स्थानीय लोग अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और दोषी तस्करों को तत्काल गिरफ्तार कर फांसी की सजा देने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि, आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

 

 इसे भी पढ़ें- मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर दौड़ती बस बनी ‘आग का गोला’, खिड़की-दरवाजों से कूदकर यात्रियों ने बचाई जान

Related Articles

Back to top button