
वृंदावन। धार्मिक दौरे पर उत्तर प्रदेश पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सबसे पहले गुरुवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन किये और राम मन्दिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा की। राष्ट्रपति ने अयोध्या में लगभग चार घंटे तक प्रवास किया। इसके बाद आज शुक्रवार की सुबह वे कान्हा की नगरी वृंदावन पहुंचीं। यहां उन्होंने अपनी आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के साथ की।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुबह करीब 7:30 बजे सुरक्षा के कड़े घेरे के बीच राष्ट्रपति मुर्मू श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचीं, जहां उनकी सादगी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति बेहद भावुक और श्रद्धालु नजर आईं। इस भेंट के दौरान महाराज जी ने उन्हें ब्रज की दिव्य महिमा और मानव जीवन में निस्वार्थ सेवा के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।

राष्ट्रपति के इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए मथुरा-वृंदावन प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने किसी भी अप्रिय घटना या संभावित खतरों को देखते हुए पूरे जनपद को तत्काल प्रभाव से ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित कर दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 19 मार्च की सुबह से लेकर 21 मार्च की शाम तक जिले की सीमा में ड्रोन, पतंग या किसी भी प्रकार के गुब्बारे उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है ताकि राष्ट्रपति के आवागमन और कार्यक्रमों में कोई बाधा न आए। वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से भेंट के बाद राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की सूची काफी विस्तृत है।
नीम करोली भी जाएंगी राष्ट्रपति
जानकारी के अनुसार, वे सुप्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा के स्मारक पर भी मत्था टेकेंगी और वहां की आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करेंगी। समाज सेवा और जन स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए, राष्ट्रपति शाम को रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में एक नए अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन करेंगी, जो क्षेत्र के कैंसर रोगियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इसके अलावा, वे साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित वात्सल्य ग्राम भी जाएंगी। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों को एक परिवार की तरह रखने के लिए जानी जाती है, जहां राष्ट्रपति इन बच्चों और बुजुर्गों के साथ कुछ समय बिताएंगी।

अपनी इस तीन दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा के अंतिम चरण में, राष्ट्रपति 21 मार्च को गोवर्धन का रुख करेंगी। वहां वे प्रसिद्ध दंगहाटी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करेंगी। धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू गोवर्धन की प्रसिद्ध सात मील की पारंपरिक परिक्रमा भी करेंगी। इस परिक्रमा के समापन के बाद वे सीधे नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। इससे पहले, उनकी यात्रा का आगाज उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए भव्य स्वागत से हुआ था, जिसमें प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल थे।
अयोध्या में की श्रीराम यंत्र की स्थापना
गौरतलब है कि वृंदावन आने से पहले राष्ट्रपति ने अयोध्या में एक बड़ा आध्यात्मिक मील का पत्थर स्थापित किया है। गुरुवार को उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर की दूसरी और अंतिम मंजिल पर ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की। वैदिक मंत्रोच्चार और दक्षिण भारत के प्रख्यात विद्वानों की उपस्थिति में संपन्न हुए इस अनुष्ठान को मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक माना जा रहा है।
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इस स्थापना के साथ ही राम मंदिर का ढांचा पूरी तरह से पूर्ण माना गया है। राष्ट्रपति की यह यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत आस्था को दर्शाती है, बल्कि भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के प्रति देश के सर्वोच्च पद की अटूट श्रद्धा को भी रेखांकित करती है।
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