बरेली में खनन माफिया की गुंडागर्दी, चेकिंग टीम को घेर कर की पत्थरबाजी, फ़िल्मी स्टाइल में दबोचे गए

बरेली। अवैध खनन के विरुद्ध प्रशासन की जीरो टॉलरेंस की नीति से बौखलाए बरेली के खनन माफियाओं ने कानून को चुनौती देते हुए प्रशासनिक टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक सरकारी कर्मचारी घायल भी हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जिसे देखकर जिले के डीएम अविनाथ सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों को बक्शा नहीं जायेगा।  आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो लोडर भी जब्त कर लिए हैं।

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खनन माफियाओं के हौसले बुलंद

बताया जा रहा है कि, योगी सरकार द्वारा भू-माफियाओं और अवैध खनन पर लगाम लगाने के सख्त निर्देशों के बावजूद जिले में माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। यहां के जिला प्रशासन को गुप्त सूचना मिली कि, थाना कैंट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुखारा मोड़ के पास बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। इस सूचना की पुष्टि होते ही अधिकारियों की एक टीम मौके पर निरीक्षण के लिए रवाना हुई।

Mining mafia

खबर है कि, टीम जैसे ही बुखारा मोड़ के पास पहुंची, वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। अंधेरे का फायदा उठाकर करीब 15 से 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध रूप से रेती और मिट्टी का उठान कर रही थीं। सरकारी वाहनों की नीली बत्ती और अधिकारियों को देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अधिकांश चालक अपने वाहनों को छोड़कर भाग खड़े हुए, लेकिन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को उसके चालक समेत दबोच लिया।

 आरोपी में खोला कच्चा-चिटठा

पकड़े गए चालक ने प्रारंभिक पूछताछ में ही खनन माफियाओं के नेटवर्क का सारा कच्चा चिट्ठा खोल दिया। चालक ने कबूल किया कि, वह कृपाल सिंह और महेश नाम के दो व्यक्तियों के इशारे पर रात के अंधेरे में अवैध खनन का काम करता है। इसी इनपुट के आधार पर टीम ने अपनी छापेमारी को और विस्तार दिया और आगे बढ़ने का निर्णय लिया, लेकिन जैसे ही टीम बभिया गांव के निकट पहुंची, वहां पहले से घात लगाए बैठे खनन माफियाओं और उनके गुर्गों ने टीम को चारों तरफ से घेर लिया और हमला कर दिया।

माफियाओं ने सरकारी वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की व अभद्रता भी की। उनका पकड़े गए वाहनों और साथियों को छुड़ाना था। इस हिंसक विरोध में एक कर्मचारी को चोटें आई हैं, जिसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।

हमले के बावजूद प्रशासनिक अमला पीछे नहीं हटा। माफिया कृपाल सिंह अपने साथियों के साथ एक ट्रैक्टर छुड़ाकर भागने में सफल रहा, लेकिन प्रशासन ने हार नहीं मानी और करीब 5 किलोमीटर तक पीछा किया। फिल्मी अंदाज में पीछा करने के बाद टीम ने एक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। पूरी रात चली इस दबिश और संघर्ष के बाद प्रशासन ने कुल तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो लोडर मशीनें जब्त की हैं, जिन्हें संबंधित थाने में खड़ा कराया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें माफियाओं की गुंडागर्दी और प्रशासनिक टीम के साथ की गई बदसलूकी साफ देखी जा सकती है। इस वीडियो ने जिले में कानून व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

बरेली में खनन माफियाओं की सक्रियता कोई नई बात नहीं है, लेकिन सरकारी टीम पर सीधे हमले ने प्रशासन के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक छह नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की कई टीमें फरार माफिया कृपाल सिंह और महेश की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी इस मामले की निगरानी की जा रही है, ताकि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच न सके।

डीएम बोले- आरोपियों पर रासुका लगेगा

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने इस घटना पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में कानून का राज है और किसी भी अपराधी या माफिया को सरकारी तंत्र को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला करना सीधे तौर पर राज्य की सत्ता को चुनौती देना है।

Mining mafia

जिलाधिकारी ने घोषणा की है कि, पकड़े गए आरोपियों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ न केवल गैंगस्टर एक्ट बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का दुस्साहस न कर सके। साथ ही, उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन के हॉटस्पॉट्स को चिन्हित कर वहां नियमित गश्त बढ़ाई जाए और इसमें संलिप्त बड़े चेहरों की संपत्तियों की जांच कर उन्हें कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

बभिया गांव और थाना कैंट क्षेत्र में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इन रास्तों पर भारी वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि सड़कों की हालत भी खस्ता हो रही है।

 

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