रिसाइकिल गुड़िया ‘नन्ही कली’ से आत्मनिर्भर बनेंगी बागपत की बेटियाँ…बागपत में ‘नन्ही कली’ का सम्मान करेंगी मैरीकॉम

यह कार्यक्रम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति अभियान को और मजबूती देगा।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की मंशा के अनुरूप नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिलेगा। छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरीकॉम नन्ही कली कार्यक्रम में शामिल होकर बेटियों को सम्मानित करेंगी। गांव की महिलाओं की ओर से रिसाइकिल प्लास्टिक से तैयार की गई गुड़िया नन्ही कली इस पहल का केंद्र है। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण, महिला आत्मनिर्भरता और ह्यबेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे योगी सरकार के अभियानों को नई मजबूती मिलेगी।

नवरात्र को नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी है। ऐसे में नन्ही कली पहल सीधे तौर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़ रही है। यह कार्यक्रम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति अभियान को और मजबूती देगा। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि इस गुड़िया की खासियत है कि इसमें रुई या स्पंज की जगह बेकार प्लास्टिक बोतलों से बने बारीक फाइबर का उपयोग किया गया है।

यह न सिर्फ प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान है, बल्कि कचरे से कंचन की सोच को भी साकार करता है। नन्ही कली गुड़िया ग्रामीण महिलाओं की कपड़ों के टुकड़ों और पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की जा रही है। यह पहल महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। साथ ही, यह वोकल फॉर लोकल को भी मजबूत करती है। कार्यक्रम में मैरी कॉम की मौजूदगी युवाओं और खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेंगी। वह बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगी। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के जीरो वेस्ट विजन के तहत शुरू हुई यह पहल अब बागपत को नई पहचान दिलाने की ओर बढ़ रही है। नन्ही कली केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि पर्यावरण, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुकी है।

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