इस डेट को अयोध्या आ रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , CM योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

अयोध्या। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को लेकर रामनगरी पूरी तरह सज चुकी है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह खुद अयोध्या पहुंचे। यहां रामकथा पार्क में उतरने के बाद मुख्यमंत्री ने न केवल सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की।

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19 मार्च को अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति

दरअसल, आगामी 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आने वाली है। वे यहां नवसंवत्सर यानी हिंदी नववर्ष के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में भी शिरकत करेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का सघन दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री का यह दौरा तैयारियों की अंतिम समीक्षा का हिस्सा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राष्ट्रपति का आगमन पूरी तरह निर्विघ्न और भव्य हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिन की शुरुआत बलरामपुर जिले के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ हुई। सुबह सवेरे उन्होंने मां पाटेश्वरी के चरणों में मत्था टेका, आरती उतारी और लोक कल्याण की कामना की। इसके बाद अपनी अटूट गौ-सेवा की परंपरा को निभाते हुए वे मंदिर परिसर स्थित गोशाला भी पहुंचे जहां उन्होंने गायों को अपने हाथों से गुड़, चना, पूरी और हरा चारा खिलाया।

सीएम ने लिया तैयारियों का जायजा

शक्तिपीठ में दर्शन के उपरांत उन्होंने आगामी चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियों को लेकर मंदिर प्रशासन के साथ एक विस्तृत बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि, लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग और सुरक्षा की व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। इस धार्मिक अनुष्ठान के तुरंत बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर अयोध्या के रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड के लिए रवाना हो गया।

अयोध्या पहुंचते ही मुख्यमंत्री सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने बजरंगबली की आरती की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। इसके पश्चात वे सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे और रामलला के चरणों में शीश नवाया। राम मंदिर निर्माण के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या भ्रमण होगा, जिसे लेकर मुख्यमंत्री स्वयं बेहद गंभीर और सक्रिय नजर आ रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर रहा फोकस

अयोध्या पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने 19 मार्च के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर के भीतर उन सभी संभावित स्थानों का भ्रमण किया जहां राष्ट्रपति को जाना है। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस सुरक्षा के अभेद्य कवच पर रहा। उन्होंने पुलिस, पीएसी और विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क और ड्रोन सर्विलांस की कार्यप्रणाली को समझा। यातायात प्रबंधन को लेकर उन्होंने निर्देश दिए कि, वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो और इसके लिए अलग लेन तथा डायवर्जन रूट की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जाए। साफ-साफ सफाई अभियान को लेकर उन्होंने स्वच्छता कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और पूरे शहर को फूलों से सजाने के निर्देश दिए ताकि रामनगरी अपने विशिष्ट अतिथि का स्वागत एक नए और भव्य स्वरूप में कर सके।

मिनट-टू-मिनट प्रोटोकॉल पर चर्चा

स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित पीएफसी सभागार में जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी निखिल तिकाराम फुंडे, पुलिस कमिश्नर और एडीजी जोन प्रवीण कुमार समेत मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रपति के मिनट-टू-मिनट प्रोटोकॉल, अतिथि सत्कार और नवसंवत्सर समारोह की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।

CM Yogi

आपको बता दें कि, 19 मार्च को राष्ट्रपति श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित विशेष अनुष्ठान और ‘श्रीराम यंत्र स्थापना पूजन’ में भाग लेंगी। मुख्यमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण बताते हुए अधिकारियों को सचेत किया कि, पूरा कार्यक्रम ‘जीरो एरर’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए। चूंकि 19 मार्च से ही चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और इसके बाद 27 मार्च को रामनवमी का महापर्व है, इसलिए मुख्यमंत्री ने भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया।

श्रमवीरों को किया जायेगा सम्मानित

उन्होंने कहा कि, राष्ट्रपति के दौरे से पहले सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करना होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उन श्रमिकों और कारसेवकों के सम्मान का भी उल्लेख किया, जिन्होंने मंदिर निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है। यह माना जा रहा है कि, राष्ट्रपति के कार्यक्रम में इन श्रमवीरों को विशेष रूप से सम्मानित किया जा सकता है।

अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुकी है और राष्ट्रपति का यह आगमन इसे और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि भगवान राम की कृपा से उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है और राष्ट्रपति का रामलला की चौखट पर नमन करना समस्त प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय है।

 

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