
निशा शुक्ला
लखनऊ। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2025 के परिणाम घोषित होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अभ्युदय योजना एक बार फिर से सुर्ख़ियों में आ गई है। दरअसल इस योजना से जुड़े छह अभ्यर्थियों का चयन इस बार की सिविल सेवा परीक्षा में हुआ है। इनमें भी दो ने टॉप 300 में जगह बनाई है। अभ्यर्थियों की ये सफलता कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए न सिर्फ प्रेरणास्रोत बनेगी, बल्कि योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रतिभा-आधारित शिक्षा और कोचिंग नीति की प्रभावशीलता को भी साबित कर रही है।
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भागीदारी भवन में है आवासीय कोचिंग

सिविल सेवा में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को लेकर समाज कल्याण अधिकारी ने भी एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि गोमतीनगर के भागीदारी भवन में अभ्युदय योजना के तहत चलाई जा रही आवासीय कोचिंग और ‘मॉक इंटरव्यू’ से जुड़े अभ्यर्थियों ने इस बार की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। आइए जानते हैं क्या है ये योजना, कैसे करती है छात्रों की मदद और इसके तहत चयनित होने वाले अभ्यर्थी और उनकी रैंक।
2021 में शुरू हुई थी योजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की शुरुआत 2021 में बसंत पंचमी के दिन की थी। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित होने वाली इस योजना के तहत यूपीएससी, यूपीपीसीएस, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह निशुल्क कराई जाती है। सीएम योगी आदित्यनाथ की इस महत्वकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और कमजोर वर्ग के बच्चों को पढ़ाई में मदद करना है, ताकि वे भी आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसे उच्च पदों को हासिल कर सकें।
इस लिकं से करें रजिस्ट्रेशन
इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उन्हें किसी भी तरह की आर्थिक समस्या और मार्ग दर्शन की बाधा न झेलनी पड़े। अभ्यर्थी अभ्युदय योजना की आधिकारिक वेबसाइट abhyudayup.in जाकर अपना पंजीकरण करा कर निशुक्ल कोचिंग का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत 500 से अधिक IAS अधिकारी, 450 से अधिक IPS अधिकारी, 300 से अधिक IFS अधिकारी और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ स्वयंसेवी रूप में छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं।
नि:शुल्क है हर सुविधा
आपको बता दें कि, भागीदारी भवन में संचालित होने वाली इस आवासीय कोचिंग में छात्रों को न केवल पढ़ाई की सुविधा मिलती है, बल्कि रहने-खाने, पुस्तकालय, ऑनलाइन संसाधन और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन की सुविधा भी मुफ्त में प्रदान की जाती है। यहां प्री ही नहीं बल्कि मुख्य परीक्षा की भी तैयारी कराई जाती है। साथ ही मॉक इंटरव्यू के कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं।
सभी 75 जिलों में चल रही योजना

ये अभ्युदय योजना सिर्फ राजधानी लखनऊ में ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित हो रही है। इस साल की तरह पिछले वर्षों में भी इस योजना ने शानदार परिणाम दिए था और सैकड़ों अभ्यर्थी सिविल सर्विसेज में चयनित हुए थे। जैसे कि, यूपीएससी सीएपीएफ में 14 अभ्यर्थियों का चयन, यूपीपीएससी में 77 अभ्यर्थियों की सफलता और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सैकड़ों चयन शामिल हैं। 2025 में यूपीएससी सीएसई-2024 के परिणामों में भी योजना से जुड़े 13 अभ्यर्थी सफल हुए थे और अब इस बार भी 6 अभ्यर्थियों चयनित होना इस योजना की सफलता को बखूबी दर्शा रहा है।
इस साल इनका हुआ चयन
इस बार चयनित होने वाले अभ्यर्थियों में शामिल विमल कुमार ने 107वीं रैंक हासिल की है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक डिग्री हासिल करने वाले विमल ने आवासीय सुविधाओं का पूरा लाभ उठाया और सफलता का परचम लहराया है। विपिन देव यादव ने भी अभ्युदय योजना से पढ़ाई की और 316वीं रैंक प्राप्त की। वहीं मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम में शामिल चार अन्य अभ्यर्थियों मानसी – 444वीं रैंक,महेश जायसवाल – 590वीं रैंक,अदिति सिंह – 859वीं रैंक, तनीषा सिंह – 930वीं रैंक ने भी टॉप 1000 में जगह बनाई।
इन्हें मिलता है एडमिशन
इस योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखता हो और 10वीं,12वीं, स्नातक या स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा हो। कोचिंग के लिए छात्रों का चयन ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन और मेरिट के आधार पर होता है।
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