पंजाब नैशनल बैंक ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT कानपुर के सहयोग से पीएसबी हैकाथॉन 2026 का शुभारंभ किया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के साथ अपने रणनीतिक सहयोग को जारी रखते हुए, PNB 2026 में आगामी पीढ़ी के 'साइबर रेजिलिएंस' (साइबर सुदृढ़ता) पर केंद्रित एक राष्ट्रव्यापी हैकाथॉन श्रृंखला आयोजित करेगा।

 नई दिल्ली।   देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों मे से एक पंजाब नैशनल बैंक ने वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन और भारतीय बैंक संघ के समन्वय में, पीएसबी हैकाथॉन 2026 के शुभारंभ की घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा है। PNB के एक वार्षिक राष्ट्रीय आयोजन के रूप में स्थापित यह प्रमुख पहल, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की साइबर सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के लिए भारत के छात्र समुदाय की नवाचार क्षमता का लाभ उठाने का लक्ष्य रखती है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के साथ अपने रणनीतिक सहयोग को जारी रखते हुए, PNB 2026 में आगामी पीढ़ी के ‘साइबर रेजिलिएंस’ (साइबर सुदृढ़ता) पर केंद्रित एक राष्ट्रव्यापी हैकाथॉन श्रृंखला आयोजित करेगा। इस वर्ष का विषय—” क्वांटम-प्रूफ सिस्टम्स फॉर पब्लिक-फेसिंग एप्लिकेशन्स” भारत के डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को क्वांटम खतरों से तैयार करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

यह उल्लेखनीय है कि हैकाथॉन के पूर्ववर्ती संस्करण में देशभर के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों की व्यापक भागीदारी देखी गई थी। टीमों ने “कोड अगेंस्ट मालवेयर” विषय के तहत बैंकिंग सुरक्षा की वास्तविक चुनौतियों पर काम किया था, जो विशेष रूप से रैनसमवेयर खतरों से निपटान के लिए अभिनव समाधान प्रस्तुत किए । इस पहल को भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के भीतर अपनी तरह का पहला सहयोगात्मक प्रयास माना गया। उल्लेखनीय है कि, पिछले साल के हैकाथॉन के दौरान विकसित कई नवाचारी प्रोटोटाइप वर्तमान में बैंकिंग प्रणाली में अपनाने के लिए मूल्यांकन के अधीन हैं, जो शिक्षा जगत और उद्योग के बीच संरचित सहयोग के महत्व को पुष्ट करते सशक्त परिणामों को दर्शाता हैं।

पीएसबी हैकाथॉन 2026 एक सॉफ्टवेयर-आधारित क्रिप्टोग्राफिक स्कैनर विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसे क्वांटम-प्रतिरोधी सिफर्स (ciphers) के कार्यान्वयन को मान्य करने और सार्वजनिक-उपयोग वाले अनुप्रयोगों के लिए एक व्यापक “क्रिप्टोग्राफिक बिल ऑफ मैटेरियल्स” (CBOM) तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रस्तावित समाधान बैंकिंग इकोसिस्टम के अंतर्गत वेब सर्वर, एपीआई और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल इंटरफेस पर क्रिप्टोग्राफिक जोखिम का आकलन करेगा। इस पहल के माध्यम से, पीएनबी का लक्ष्य पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी मूल्यांकन में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देना और स्केलेबल उपकरण बनाना है जो सार्वजनिक अनुप्रयोगों में प्रणालीगत सुदृढ़ता को बढ़ाते हैं।

यह हैकाथॉन सम्पूर्ण भारत के मान्यता प्राप्त कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकित सभी छात्रों के लिए आयोजित है। सहभागिता करने वाली टीमों में कम से कम तीन और अधिकतम चार सदस्य होने चाहिए। समग्र और नवीन समाधान विकसित करने के लिए साइबर सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और सॉफ्टवेयर विकास में विशेषज्ञता रखने वाली बहु-विषयक टीमों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए, विजेता टीमों को ₹11 लाख तक के पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। इस पहल का उद्देश्य युवा नवाचारियों को राष्ट्रीय बैंकिंग सुरक्षा में सीधे योगदान देने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करना है।

क्वांटम कंप्यूटिंग वैश्विक वित्तीय क्षेत्र के लिए एक तकनीकी उपलब्धि और एक रणनीतिक साइबर सुरक्षा चुनौती, दोनों का प्रतिनिधित्व करती है। पीएसबी हैकाथॉन 2026 के माध्यम से, पीएनबी सक्रिय रूप से क्रिप्टोग्राफिक तत्परता का आकलन करने, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफिक मानकों को अपनाने, बढ़ावा देने और भविष्य के क्वांटम-सक्षम जोखिमों के विरुद्ध भारत की सार्वजनिक बैंकिंग प्रणालियों को सुरक्षित करने हेतु सक्षम स्वदेशी समाधान बनाने के लिए प्रयासरत है। यह पहल साइबर सुरक्षा में भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है और नवाचार-संचालित राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पीएनबी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

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