
किंगदाओ (चीन)। स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू के बिना कमजोर पड़ी भारतीय महिला टीम को यहां मंगलवार से शुरू हो रही बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में अपना खिताब बचाने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा जबकि पुरुष टीम पोडियम पर जगह बनाने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर रहेगी। भारत ने पिछले सत्र में मलेशिया में अपना पहला महिला टीम स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था लेकिन चोट के कारण सिंधू के हटने से उनकी पदक जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू की गैरमौजूदगी में भारतीय अभियान की जिम्मेदारी तन्वी शर्मा की अगुआई वाले खिलाड़ियों के युवा समूह पर होगी। पंजाब की 17 साल की तन्वी 2024 में चैंपियन टीम का हिस्सा थी लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। इसके अगले दो साल में तन्वी गुवाहाटी में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक और अमेरिकी ओपन सुपर 300 में फाइनल तक पहुंचकर महिला एकल में अगली बड़ी उम्मीद बनकर उभरी हैं। उन्होंने सत्र की शानदार शुरुआत की। इंडिया ओपन और इंडोनेशिया मास्टर्स में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी और दुनिया की नौवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी को तीन गेम तक चुनौती पेश की जिससे यह साबित हुआ कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ मुकाबला कर सकती हैं।
उन्नति हुड्डा भी 2025 के सफल सत्र के बाद इस टूर्नामेंट में आ रही हैं। यह 18 वर्षीय खिलाड़ी पिछले साल अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 23वीं रैंकिंग हासिल करने में सफल रहीं। उन्होंने चीन ओपन में सिंधू को भी हराया। बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय उन्नति ने 2025 में ओडिशा मास्टर्स का खिताब भी जीता।एकल में जिम्मेदारी अब मालविका बंसोड़ और रक्षिता श्री संतोष रामराज पर भी होगी जबकि राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता गायत्री गोपीचंद और त्रीशा जॉली, प्रिया कोंजेंगबम, श्रुति मिश्रा और तनीषा क्रास्टो युगल में भारतीय चुनौती पेश करेंगी।भारत ग्रुप वाई में अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को म्यांमार के खिलाफ करेगा जबकि इसके बाद थाईलैंड से भिड़ेगा।
Qingdao,China: we’re here! 🇮🇳🏸🔥
The Indian team gears up for the Tsingtao Badminton Asia Team Championships 2026.
Time to make it count. 💪🇮🇳 pic.twitter.com/DaMLpZ8b8s— BAI Media (@BAI_Media) February 2, 2026
भारतीय पुरुष टीम 2016 और 2020 की कांस्य पदक विजेता है और अनुभव तथा गहराई के मेल के साथ बेहतर स्थिति में दिख रही है। इस टीम में वही मुख्य खिलाड़ी हैं जिनकी मौजूदगी में टीम ने 2022 में थॉमस कप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था और अब उन पर अच्छा प्रदर्शन दोहराने की जिम्मेदारी होगी। दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य सेन की अगुवाई वाली इस टीम में दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत और अनुभवी खिलाड़ी एचएस प्रणय भी शामिल हैं। ये तीनों विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता हैं।
लक्ष्य अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले साल आॅस्ट्रेलियाई ओपन जीता था और हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंचे थे। श्रीकांत भी मलेशिया मास्टर्स और सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में फाइनल में पहुंचे थे लेकिन प्रणय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।उभरते हुए युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने पिछले साल अमेरिकी ओपन सुपर 300 का खिताब जीता था। उन्होंने थारुन मन्नेपल्ली को भी एकल में जिम्मेदारी मिल सकती है। युगल में दारोमदार एक बार फिर विश्व चैंपियनशिप की दो बार की कांस्य पदक विजेता जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर होगा।
इस जोड़ी ने मलेशिया ओपन और इंडिया ओपन में क्वार्टर फाइनल और राउंड आॅफ 16 में पहुंचकर सत्र की धीमी शुरुआत की थी। दुनिया की यह पूर्व नंबर एक जोड़ी सफलता का स्वाद चखने के लिए बेताब होगी।साई प्रतीक के, पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय और हरिहरन अमसाकरुणन अन्य युगल खिलाड़ी हैं।ग्रुप सी में शामिल भारतीय पुरुष टीम बुधवार को सिंगापुर के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी जिसके बाद जापान के खिलाफ एक और मुश्किल ग्रुप मैच होगा।हर ग्रुप से शीर्ष दो टीम हर दो साल में होने वाले इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी।



