लखनऊ में वायु गुणवत्ता पर नजर रखेंगे 149 सेंसर, हाउस टैक्स पर भी मिलेगी इतने फीसदी की छूट

  1. नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में हुए कई बड़े फैसले

  2. पम्मी तिवारी को बनाया गया उपाध्यक्ष

लखनऊ। लखनऊ शहर के प्रशासनिक कामकाज से जुड़े कई बड़े फैसले सोमवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए। यह बैठक मोहान रोड पर बने शिवरी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट परिसर में हुई, जिसकी अध्यक्षता महापौर सुषमा खर्कवाल नेकी।

बैठक का एजेंडा काफी विस्तृत था। शहर की सफाई व्यवस्था, हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने की योजना, वाहन पार्किंग को लेकर व्यवस्था, होर्डिंग-विज्ञापन नीति, बिजली आपूर्ति सुधार, निगम दफ्तरों का विस्तार, स्टाफ से जुड़े मामले, ऑनलाइन वेयरहाउसों से टैक्स वसूली, स्कूली शिक्षा और पुराने पड़े कचरे को ठिकाने लगाने जैसे विषय चर्चा में शामिल थे। इनमें से अधिकांश प्रस्तावों पर कार्यकारिणी ने अपनी मुहर लगा दी।

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पम्मी तिवारी बने नए उपाध्यक्ष

बैठक की शुरुआत कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष पद के चुनाव से हुई। सभी मौजूद सदस्यों ने बिना किसी विरोध के सुशील तिवारी “पम्मी” को इस पद के लिए चुन लिया। महापौर सहित बाकी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी, जिसके बाद बैठक का असली एजेंडा शुरू हुआ।

Lucknow Nagar Nigam a

बैठक में अरुण राय, पृथ्वी गुप्ता, संजय सिंह राठौर, संदीप शर्मा, राजीव बाजपेई, पिंकी रावत, रश्मि सिंह और विनोद यादव जैसे कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। निगम प्रशासन की ओर से नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव व अरुण कुमार गुप्त, डॉ. अरविंद कुमार राव, उप आयुक्त रश्मि भारती, सिविल के चीफ इंजीनियर महेश वर्मा, आरआर विभाग के चीफ इंजीनियर मनोज प्रभात, वित्त अधिकारी महामिलिंद लाल, जलकल के जीएम कुलदीप सिंह समेत कई अन्य अफसर शामिल हुए।

हवा नापने के लिए 149 सेंसर लगेंगे

शहर में वार्ड-वार हवा की गुणवत्ता जांचने के लिए एक नई व्यवस्था बनाने की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत एयरावत रिसर्च फाउंडेशन नामक संस्था के साथ करार किया जाएगा और 149 जगहों पर कम लागत वाले एयर क्वालिटी सेंसर बिठाए जाएंगे, जो पीएम 2.5 और पीएम 10 समेत हवा में मौजूद खतरनाक कणों को मापेंगे। एआई तकनीक की मदद से इकट्ठा डेटा का विश्लेषण होगा, जिससे 24 से 72 घंटे पहले प्रदूषण के बढ़ने का अंदाजा लगाया जा सकेगा। सबसे खास बात यह है कि इस पूरी परियोजना पर निगम को अपनी जेब से कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।

एलडीए पार्कों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अब लगेगा टैक्स

महापौर ने एक अहम मुद्दा उठाया कि, एलडीए के पार्कों और खुले स्थानों का कई जगह व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन निगम अब तक इस पर कोई कमर्शियल टैक्स या यूजर चार्ज नहीं वसूल रहा था। कार्यकारिणी ने तय किया कि, अब से ऐसे इस्तेमाल पर नियम के मुताबिक शुल्क लिया जाएगा।

अधूरी कॉलोनियां नहीं ली जाएंगी टेकओवर पर

कार्यकारिणी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि निगम अब सिर्फ उन्हीं कॉलोनियों को अपने अधीन लेगा, जहां पानी-बिजली-सड़क जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह से सौंप दी गई हों। अधूरी सुविधाओं वाली कॉलोनी को टेकओवर नहीं किया जाएगा, ताकि आगे चलकर कोई प्रशासनिक झंझट न हो।

विज्ञापन दरों के लिए होगा बाजार सर्वे

नई विज्ञापन नियमावली-2026 के तहत शहर भर के विज्ञापन स्थलों का सर्वे कराने का प्रस्ताव भी पास हुआ। यह काम मे. और्बटेर्रा इन्फो विजन प्रा. लि. नामक एजेंसी को सौंपा गया है, जिसका चुनाव ई-निविदा के जरिए हुआ। यूनीपोल, डिजिटल स्क्रीन, बस शेल्टर, ट्रैफिक आइलैंड जैसी जगहों का सर्वे कर एजेंसी बताएगी कि, किस जगह कितना किराया वाजिब है। बातचीत के बाद इस काम के लिए 16.90 लाख रुपये और उस पर 18 फीसदी जीएसटी तय हुआ है।

कल्ली पश्चिम में बनेगा नया बिजलीघर

सरोजनीनगर तहसील के कल्ली पश्चिम गांव में 33/11 केवी का नया बिजली उपकेंद्र बनाने के लिए निगम की करीब 0.2 हेक्टेयर जमीन यूपी पावर कॉर्पोरेशन को देने की मंजूरी दी गई। यह जमीन दो अलग-अलग खसरों से ली गई है और शासन के नियम अनुसार महज एक रुपये प्रति एकड़ की टोकन दर पर 30 साल के पट्टे पर दी जाएगी। इससे इलाके में बिजली आपूर्ति और भरोसेमंद होगी।

अमौसी में बनेगा जोन-5 दफ्तर

निगम के जोन-5 का नया कार्यालय अब अमौसी गांव में बनेगा। इसके लिए तीन गाटा संख्याओं की कुल करीब 1.1 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। राजस्व और निगम टीम ने मिलकर जांच की, तो यह जमीन खाली मिली और किसी तरह का कोई भूमि विवाद दर्ज नहीं पाया गया। भवन निर्माण आगे मिलने वाली सरकारी निधि से होगा।

वेयरहाउसों से वसूला जाएगा शुल्क

बैलेंस शीट और टैली से जुड़े काम के लिए जेम पोर्टल के जरिए एक विशेषज्ञ रखने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। इसके अलावा, शहर में तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स वेयरहाउसों से लाइसेंस शुल्क वसूलने का फैसला भी लिया गया। इसके लिए अलग से एक उपविधि बनाई जाएगी, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए आगामी सदन की बैठक में रखा जाएगा।

शिवरी में साढ़े चार लाख टन पुराने कचरे का निपटारा

शिवरी प्लांट में जमा करीब 4.21 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से खत्म करने की मंजूरी दी गई है। यह काम बायोरेमेडिएशन तकनीक से मेसर्स भूमि ग्रीन एनर्जी करेगी, जिसने 630.83 रुपये प्रति टन की दर तय की है। पूरी परियोजना पर करीब 26.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो निगम फंड या 15वें वित्त आयोग की राशि से पूरा होगा।

अमीनाबाद इंटर कॉलेज में अब बेटियां भी पढ़ेंगी

निगम के अमीनाबाद इंटर कॉलेज में अब तक सिर्फ लड़के पढ़ते थे, लेकिन कार्यकारिणी ने वहां सह-शिक्षा शुरू करने और लड़कियों को दाखिला देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। स्कूल के प्रधानाचार्य ने ही यह प्रस्ताव भेजा था, जिसे देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को भी सूचित कर दिया गया है।

एक ठेकेदार अब 10 से ज्यादा काम नहीं ले सकेगा

काम की गुणवत्ता और समय पर पूरा होना सुनिश्चित करने के लिए एक नया नियम बनाया गया है। अब कोई भी ठेकेदार या फर्म 10 लाख रुपये से ज्यादा के अधिकतम 10 काम ही एक साथ चला सकेगी। अगर पहले से इतने काम चल रहे हैं तो उसे नई निविदा में हिस्सा लेने नहीं दिया जाएगा। निगम का मानना है कि, एक ही फर्म के पास बहुत सारा काम होने से रफ्तार और क्वालिटी दोनों प्रभावित होती है।

ये फैसले भी लिए गये

सड़क के किनारे पार्किंग की निविदा और वहां न्यूनतम आरक्षित राशि तय करने पर भी चर्चा हुई। बगीचों से निकलने वाले कचरे को उठाने के लिए 4 ट्रैक्टर और 4 ट्रॉली खरीदने का फैसला हुआ। पारा इलाके में निगम की करीब पौने एक हेक्टेयर जमीन पर एक बारात घर बनाने को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा महाराजा रंजीत सिंह की एक प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव भी सामने रखा गया।

हाउस टैक्स पर 31 जुलाई तक 5% की छूट

निगम ने नागरिकों को समय पर टैक्स भरने के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। मंगलवार से हाउस टैक्स और यूजर चार्ज ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करने पर 31 जुलाई तक 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। एकमुश्त यूजर चार्ज भरने वालों को भी यही छूट दी जाएगी।

जोनल अफसरों को मिलीं POS मशीनें

बैठक के आखिर में महापौर ने सभी जोनल अफसरों को POS मशीनें बांटीं। इनसे अतिक्रमण, गंदगी फैलाने और प्लास्टिक के गैरकानूनी इस्तेमाल पर मौके पर ही जुर्माना वसूला जा सकेगा, जिससे कार्रवाई ज्यादा पारदर्शी और तेज बनेगी।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने बैठक के बाद कहा कि लखनऊ को स्वच्छ, आधुनिक और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में ये सभी फैसले अहम कदम हैं, और इन्हें जल्द से जल्द लागू करने पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।

 

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