नई दिल्ली। चीन ने अपने सदाबहार सहयोगी पाकिस्तान को दी जाने वाली अत्याधुनिक आठ हैंगर श्रेणी की पनडुब्बियों में से पहली लॉन्च कर दी है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार 26 अप्रैल को वुचांग शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री ग्रुप (डब्ल्यूएसआईजी) के शुआंगलिउ बेस पर आयोजित लॉन्च समारोह में पाकिस्तान नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने भी भाग लिया। पाकिस्तान और चीन के बीच समझौते के तहत चीन पाक के लिए आठ अत्याधुनिक उन्नत पनडुब्बियां बना रहा है।
कुल आठ पनडुब्बियों में में से चार का निर्माण डब्ल्यूएसआईजी द्वारा किया जाना है, जबकि शेष चार का निर्माण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) समझौते के तहत केएस एंड ईडब्ल्यू (कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स) में किया जा रहा है। उन्नत स्टील्थ विशेषताओं वाली पनडुब्बियों को बहु-खतरे वाले वातावरण में संचालित करने के लिए अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से सुसज्जित किया जाना अभी बाकी है।
पाकिस्तान के चीन के साथ घनिष्ठ सैन्य संबंध हैं। पिछले साल, पाकिस्तान नौसेना ने दो नवनिर्मित चीनी टाइप 054 ए/पी फ्रिगेट को शामिल किया था। दोनों देशों ने 2018 में चार बहुउद्देश्यीय युद्धपोतों के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। पहला और दूसरा जहाज पीएनएस तुगरिल और पीएनएस तैमूर 2022 में पाकिस्तान नेवी के बेड़े में शामिल हुए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मौजूदा समय में पाकिस्तान अपनी जरूरत का 77 फीसदी हथियार चीन से खरीद रहा है। चीन ने पाकिस्तान की थलसेना के लिए अल खालिद और VT-4 टैक, SH-15 TMG आर्टीलरी गन Z10 अटैक हेलिकॉप्टर बनाए हैं। विंग लूंग 1D, विंग लूंग -॥, CH-4, एयर डिफेंस सिस्टम और इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले LY-80, LY-80 EV, HQ-9P और YLC-18 रडार दिए हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने JF-17, J-10 फाइटर जेट का इस्तेमाल करती है और नौसेना Type-054A/P युद्धपोतों का इस्तेमाल कर रही है।पाकिस्तान चीन से नए 360 मेन बैटल टैंक VT-4 खरीदे है। साल 2021 में आधिकारिक तौर पर इस टैंक के पहले बैच को पाकिस्तान की सेना में शामिल कर लिया गया है। पाकिस्तान चीन से 155/52 कैलिबर माउंटेड गन सिस्टम भी खरीद कर रहा है। चीन ने पाकिस्तान को 36 SH1 दे चुका है जबकि अन्य 36 तोपों को जल्दी पाकिस्तान खरीद सकता है।
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